गाजीपुर: सपा डेलिगेशन और ग्रामिणों में झड़प, कई नेता घायल; नाबालिग हत्या मामले में गए थे मिलने
गाजीपुर के कटारिया गांव में नाबालिग की मौत के मामले में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों को आर्थिक मदद देने पहुंचा. लेकिन ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने उन्हें गांव में घुसने से रोक दिया. इसी दौरान हिंसक झड़प हो गई, जिसमें लाठी-डंडे और पत्थर चले. कई पुलिसकर्मी और सपा नेता घायल हुए.
गाजीपुर में करंडा थाना के कटारिया गांव में बुधवार को समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल और ग्रामिणों के बीच हिंसक झड़प हो गई. सपा का प्रतिनिधिमंडल एक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा था, लेकिन ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने उन्हें गांव में घुसने से रोक दिया. इस दौरान हुए झगड़े में कई सपा नेताओं को गंभीर चोट लगी, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
दरअसल, 14 अप्रैल की रात एक नाबालिक बेटी निशा विश्वकर्मा अपने घर से गायब हो गई थी. अगले दिन 15 अप्रैल की सुबह उसका गंगा नदी में शव मिला. पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की पुष्टी हुई, लेकिन परिजनों ने हत्या करने का आरोप लगाते हुए दो लोगों पर मुकदमा कराया. मामले में एक आरोपी को जेल भेज दिया गया, लेकिन गांव में अभी भी तनाव का माहौल है.
जब मदद के लिए पहुंची प्रतिनिधिमंडल, तो बवाल कैसे?
समाजवादी पार्टी के साथ ही कई अन्य जातिगत पार्टियों ने इस मामले को तूल देने लगी. गांव में तनाव का माहौल था इसी बीच अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंच गया. जिला अध्यक्ष और विधायकों की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के गांव पहुंचकर पिता को आर्थिक मदद करना चाह रही थी, लेकिन उन्हें गांव के बाहर ही रोक दिया गया.
सपा प्रतिनिधिमंडल गांव में जैसे ही घुसने वाला था, उससे पहले ही ग्रामिणों, खासकर महिलाओं ने हाथों में लाठी डंडे और हाथों में तख्तियां लेकर उन्हें गांव में घुसने से रोक दिया. जिसके बाद पुलिस ने भी वहां मूक दर्शक बनकर देखते रही. इसके बाद सपा नेता जय किशन साहू, जंगीपुर से डॉक्टर वीरेंद्र यादव जमानिया सहित अन्य विधानसभाओं से लोग मौके पर पहुंचे.
इसी दौरान एक व्यक्ति को किसी ने पिटाई कर दिया जिससे उसके सर पर खून बह रहा था. घायल को गांव के लोग लेकर धरना स्थल पर पहुंचे गए. युवक के सिर से बह रहे उस खून को देखते ही लोगों का गुस्सा बढ़ने लगा और फिर देखते-देखते लोगों ने एक दूसरे पर लाठी डंडे और ईट पत्थर चलाने लगे, जिससे पूरा सड़क जंग का अखाड़ा बन गया था.
सपा डेलिगेशन में बहुत सारे अराजक तत्व शामिल थे- ASP
इस पत्थर बाजी में सामजवादी पार्टी के नेताओं के साथ कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए. सपा नेता और पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा के सिर पर भी गंभीर चोट लगी हैं. सभी घायलों का इलाज गाजीपुर के जिला अस्पताल में चल रहा है. ASP डॉक्टर राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सपा डेलिगेशन में 15 की संख्या बताई गई थी लेकिन 200 से ज्यादा लोग पहुंंचे थे.
ASP डॉ, राकेश मिश्रा ने बाताया कि सपा डेलिगेशन में बहुत सारे अराजक तत्व थे जिसके चलते आज की यह घटना हुई है. पुलिस की ओर से इन लोगों को चिन्हित किया जा रहा है. अबतक 10 से अधिक लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है और मुकदमा लिखा जाने की कार्रवाई चल रही है. इस मामले में आगे जो भी विधि कार्रवाई होगी उसे किया जाएगा.