गजब है! गाड़ी में BJP का झंडा लगाकर चेकिंग करने पहुंचे तहसीलदार, वायरल VIDEO पर DM सख्त; होगी जांच

मुरादाबाद में तहसीलदार प्रवीण कुमार भाजपा के झंडे वाली गाड़ी में वाहनों की चेकिंग करते हुए कैमरे में कैद हुए हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. जिलाधिकारी ने इसे अनुशासनहीनता बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं, जिससे सरकारी अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं. दोषी पाए जाने पर तहसीलदार पर कार्रवाई की जाएगी.

बीजेपी का झंडा लगी गाड़ी में चेकिंग पर निकले तहसीलदार Image Credit:

​उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां ठाकुरद्वारा तहसील के तहसीलदार प्रवीण कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह खनन के वाहनों की चेकिंग करने पहुंचे हैं. वह जिस गाड़ी में नजर आ रहे हैं, उसपर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का झंडा लगा है. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है. इस वीडियो पर डीएम मुरादाबाद ने सख्ती दिखाते हुए जांच के आदेश दिए हैं.

वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि तहसीलदार साहब भाजपा के झंडे वाली गाड़ी बैठकर खनन से भरे डंपरों की जांच कर रहे हैं. इस घटना ने सरकारी अधिकारियों की निष्पक्षता और प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी होने पर मुरादाबाद जिलाधिकारी (DM) ने इसे अनुशासनहीनता बताया. उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम (SDM) को जांच के आदेश दिए हैं. इसमें मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है.

प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल

​वायरल वीडियो ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र का बताया जा रहा है. वीडियो में नजर आ रहा है कि तहसीलदार भाजपा का झंडा लगी गाड़ी में बैठे हैं और वहां से गुजर रहे डंपरों को रोककर चेकिंग कर रहे हैं. वीडियो के एक हिस्से में तहसीलदार यह कहते हुए भी सुनाई दे रहे हैं कि “हम लोग तो चेकिंग कर रहे हैं. हालांकि, एक सरकारी अधिकारी द्वारा किसी राजनीतिक दल के चिन्ह वाली गाड़ी का इस्तेमाल करना सिविल सेवा नियमावली का खुला उल्लंघन माना जा रहा है.

सोमवार को दर्ज होंगे बयान

​इस प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने तहसीलदार को तलब किया है. एसडीएम द्वारा शुरू की गई जांच के तहत सोमवार को तहसीलदार प्रवीण कुमार को मुरादाबाद मुख्यालय में अधिकारियों के समक्ष पेश होना होगा. जहां उनके लिखित बयान दर्ज किए जाएंगे. उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि किन परिस्थितियों में उन्होंने भाजपा नेता की गाड़ी का उपयोग किया. सूत्रों के मुताबिक जांच में दोषी पाए जाने पर तहसीलदार के खिलाफ बड़़ी कार्रवाई हो सकती है.