मुरादाबाद में नगर पालिका की खुली पोल, 1 घंटे की बारिश में ही बाजार डूबा; घुटनों तक पानी
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में महज एक घंटे की बारिश ने मुख्य बाजार को जलमग्न कर दिया, जिससे नगर पालिका के विकास दावों की पोल खुल गई. सड़कों पर घुटनों तक पानी भरा है. खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण हर बार मानसूनी बारिश लोगों के लिए आफत बनती है, जिससे स्थानीय निवासियों में गहरा रोष है.
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में मौसम का मिजाज अचानक बदला, तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के साथ हुई भीषण ओलावृष्टि ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन नगर पालिका के विकास दावों की पोल भी खोल कर रख दी. महज एक घंटे की बारिश ने ठाकुरद्वारा मेन मार्केट को पूरी तरह तालाब में तब्दील कर दिया.
सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने के कारण राहगीरों, स्थानीय दुकानदारों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. इस अव्यवस्था के बीच स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है. लोगों का कहना है कि जल निकासी की लचर व्यवस्था के कारण हर बार मानसूनी बारिश आफत बनकर आती हैं.
सबसे ज्यादा व्यापारियों को हो रहा नुकसान
ठाकुरद्वारा मुख्य बाजार में हुई इस मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका प्रशासन के ड्रेनेज सिस्टम की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका इलाके के मुख्य नालों की समय पर सफाई न होने और उनके ब्लॉक होने के कारण मामूली बारिश में भी पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है.
सड़कों पर जलभराव इतना अधिक था कि दोपहिया वाहन चालकों की गाड़ियां बंद हो गईं और पैदल चलने वालों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा है. सबसे ज्यादा नुकसान मुख्य बाजार के व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है, जिनकी दुकानों के आगे पानी जमा होने से व्यापार ठप हो गया है. लोगों ने इस समस्या के लिए स्थायी समाधान निकालने की मांग की.
जब से होश संभाला है, नालियां बंद पड़ी हैं
इस बदहाली पर स्थानीय निवासी इस्लाम और व्यापारी करण सिंह कामरेट का दर्द साफ छलक उठा. इस्लाम ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 15-20 वर्षों से वे इस बदहाली को झेल रहे हैं. जब से उन्होंने होश संभाला है, नालियां बंद पड़ी हैं और नगर पालिका इस ओर कोई ध्यान नहीं देती है जबकि पास में ही नगर पालिका कार्यालय स्थित है.
उनका कहना है कि नगर पालिका के चेयरमैन और सभासद रोज़ गुजरते हैं, फिर भी हालात जस के तस हैं. उनकी मांग है कि सड़कों और नालियों को चौड़ा व दुरुस्त किया जाए. वहीं, स्थानीय व्यापारी करण सिंह का कहना है कि महज एक घंटे की तेज बारिश में ही पूरा बाजार डूब जाता है, इसके लिए सीधे तौर पर नगर पालिका ठाकुरद्वारा जिम्मेदार है.
