मुस्लिम लीग के नेता ने हिंदू धर्म को बताया गुलाम, FIR दर्ज कर एक्शन में UP पुलिस
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मुस्लिम लीग नेता कौसर हयात खान पर हिंदू धर्म और संवैधानिक पदों पर अभद्र टिप्पणी के आरोप में FIR दर्ज की गई है. उनके विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने का प्रयास किया गया. UP पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कौसर हयात को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में इंडियन मुस्लिम लीग के एक नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ खूब जहर उगला है. यही नहीं, इस नेता ने हिंदू धर्म और देवी देवताओं के साथ पौराणिक ग्रंथों को लेकर भी अभद्र टिप्पणी की है. इस मामले में मुरादाबाद की कटघर कोतवाली पुलिस ने आरोपी मुस्लिम लीग नेता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. आरोपी नेता की पहचान इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कौसर हयात खान के रूप में हुई है.
पुलिस के मुताबिक आरोपी कौशर हयात खान के कई वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं. ये वीडियो बहुत ही आपत्तिजनक और समाज में विद्वेष फैलाने वाले हैं. इस वीडियो में आरोपी कौसर हयात खान ने देश में संवैधानिक पदों पर बैठे माननीयों के खिलाफ भी अभद्र शब्दावली का प्रयोग किया है. इस संबंध में कटघर कोतवाली में तैनात सब इंस्पेक्टर अंकुर त्या्गी ने आरोपी के खिलाफ थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है.
सामुदायिक विद्वेष फैलाने का आरोप
दरोगा अंकुर त्यागी ने अपनी तहरीर में बताया है कि आरोपी कौसर हयात खान के बयान सामाजिक विद्वेष फैलाने वाले हैं. इससे बहुसंख्यक समाज की भावनाएं आहत होती हैं. इन परिस्थितियों में दंगा भड़क सकता है. हालात को देखते हुए दरोगा की शिकायत पर कटघर कोतवाली पुलिस ने आरोपी कौसर हयात खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196(1)(a), 299 और 353(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
आरोपी को अरेस्ट कर पूछताछ शुरू
मुकदमा दर्ज करने के साथ ही एक्शन में आई मुरादाबाद पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. पुलिस आरोपी से इस तरह के घटिया बयान की वजह के संबंध में जानकारी जुटा रही है. पुलिस के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को इस तरह से समाज में नफरत फैलाने और समाजिक विद्वेष फैलाने वाले बयान देने की इजाजत नहीं दी जा सकती. इसके लिए लगातार सोशल मीडिया की निगरानी हो रही है.