मालिक कैसे भूल गए? बेटे की शादी में नहीं बुलाया तो नौकर पहुंचा थाने, कहा- 30 साल की वफादारी का मिला ये सिला

60 वर्षीय बुजुर्ग ने ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाने में एक अजीब सी शिकायत दी है. कहा कि जिस मालिक के लिए उन्होंने 30 साल काम किया, उसने अपने बेटे की शादी में भी उन्हें नहीं बुलाया. इस अपमान से आहत बुजुर्ग न्याय मांगने पहुंचा. पुलिस ने भावनात्मक मामला बताकर मदद से इनकार किया, लेकिन यह घटना सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाने में शुक्रवार को एक हैरान करने वाली घटना हुई. यहां एक 60 साल के बुजुर्ग शिकायत लेकर थाने पहुंचे. कहा कि जिस व्यक्ति के साथ वह 30 साल से काम कर रहे थे, उसने अपने बेटे की शादी में भी नहीं बुलाया. यह उनके लिए बेहद अपमानजनक है. इस शिकायत को सुनकर न सिर्फ पुलिसकर्मियों हैरान रह गए, बल्कि वहां मौजूद अन्य फरियादी भी सोचने को मजबूर हो गए.

पीड़ित बुजुर्ग ने कहा कि बीते 30 साल से वह दनकौर कस्बे के शोक बाजार क्षेत्र में एक सब्जी की दुकान पर काम करता है. इस दौरान दुकान मालिक के परिवार के साथ उसका रिश्ता सिर्फ नौकरी का नहीं बल्कि भरोसे और अपनापन का भी बन चुका था. लेकिन पूरी ईमानदारी से काम करने के बाद भी वह खुद को उपेक्षित और अपमानित महसूस कर रहा है. कहा कि उसने मालिक के कारोबार को खड़ा करने में अपना पूरा जीवन लगा दिया. बारिश हो या धूप, त्योहार हों या आम दिन उसने कभी काम से मुंह नहीं मोड़ा.

शादी में नहीं बुलाया तो टूट गया दिल

पीड़ित बुजुर्ग ने कहा कि इसी दौरान मालिक के बच्चे बड़े हुए पढ़े-लिखे और अब उनके बेटे की शादी तय हुई. उसे उम्मीद थी कि उनकी शादी में उसे भी बुलाया जाएगा, लेकिन कुछ दिन पहले जब उसे पता चला कि उसे न्यौता दिए बिना मालिक ने अपने बेटे की शादी कर दी है, तो वह अंदर से टूट गया. पीड़ित ने बताया कि दुकान मालिक ने बेटे की सगाई में नहीं बुलाया तो उसने खुद को समझा लिया, लेकिन शादी में भी नजरअंदाज किया गया तो उसे लगा कि 30 साल की मेहनत और वफादारी की कोई कीमत नहीं रही.

अपमान की भावना ने पहुंचाया थाने

बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि वह कानूनी कार्रवाई के इरादे से नहीं बल्कि न्याय के लिए थाने पहुंचा है. उसने पुलिस से शिकायत दर्ज करने की मांग की. कहा कि मालिक ने उसका अपमान किया है. उसकी शिकायत सुनकर पुलिस भी असमंजस में पड़ गई. कारण कि मामला भावनात्मक जरूर था लेकिन कानून की नजर में अपराध नहीं बनता. बड़ी मुश्किल से पुलिस ने बुजुर्ग को समझा-बुझाकर वापस घर भेजा. इस घटना की चर्चा अब सोशल मीडिया में भी खूब हो रही है.

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