इस अग्निकांड ने खोली अधूरी हाउसिंग परियोजनाओं की पोल, जान हथेली पर रख हाईराइज में रह रहे लोग
नोएडा के सेक्टर 119 स्थित अरण्या सोसाइटी में आग लगने से अधूरी हाउसिंग परियोजनाओं की पोल खुल गई है. हजारों परिवार बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और फायर सेफ्टी के ऊंची इमारतों में जान जोखिम में डालकर रह रहे हैं. इस अग्निकांड ने बिल्डरों की जवाबदेही और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे निवासियों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ गई है.
नोएडा-ग्रेटर नोएडा की हाईराइज सोसायटियों में हजारों-लाखों लोगों की जान खतरे में है. ये लोग अपनी जान हथेली पर रखकर रह रहे हैं. यह खुलासा सेक्टर 119 की अरण्या सोसाइटी में हुए अग्निकांड की जांच में हुआ है. इस भीषण अग्निकांड ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की अधूरी हाउसिंग परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी है. इस घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर हजारों परिवारों को ऐसी इमारत में क्यों रहना पड़ रहा है? जहां ना तो सभी सुरक्षा मानक पूरे हैं और ना ही कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई है.
आग की इस घटना के बाद अब लोगों की सुरक्षा के लिए बिल्डरों की जवाबदेही और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. जानकारी के मुताबिक सोमवार को नोएडा के सेक्टर 119 स्थित अरण्या सोसाइटी में लगी आग ने कुछ मिनट में ही पूरे परिसर में अफ़रा तफरी का माहौल पैदा कर दिया था. आग की लपटे और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहे थे. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची और घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. राहत की बात यह रही कि समय रहते लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बड़ी जनहानि टल गई.
अधूरी हैं परियोजनाएं
जानकारी के मुताबिक अरण्या सोसायटी उन परियोजनाओं में शामिल है, जो वर्षों से अधूरी पड़ी हैं. बताया जा रहा है कि यह परियोजना दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) में फंसी है और लंबे समय से इसमें निर्माण कार्य ठप है. इसके बावजूद करीब डेढ़ हजार परिवार यहां रह रहे हैं. इसमें रह रहे लोगों का कहना है कि लोन की किश्तें जा रही हैं, इसलिए वह इन अधूरी परियोजना में रहने को विवश हैं. मजबूरी में उन्हें और अपने परिवार की सुरक्षा से समझौता करना पड़ रहा है. इस सोसायटी में अब तक ऑक्यूपेसी सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ है. अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन का भी पूर्ण रूप से गठन नहीं हो सका है.
फायर सेफ्टी के नहीं हैं इंतजाम
इन सोसायटियों में सबसे गंभीर चिंता फायर सेफ्टी सिस्टम को लेकर है. इस तरह की यह कोई इकलौती सोसायटी नहीं है. बल्कि शहर की 60 से अधिक परियोजनाओं में यही स्थिति है. लोग निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही इसमें रहने लगे हैं. कई परियोजनाओं में आज भी ऑक्यूपेसी सर्टिफिकेट लंबित है फायर सेफ्टी सिस्टम अधूरा है. यहां तक कि बुनियादी सुविधाएं भी अधूरी हैं. सोसाइटी में रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने जीवन भर की कमाई लगाकर अपने सपनों का घर खरीदा था, लेकिन आज भी उन्हें अधूरी सुविधाओं के बीच रहना पड़ रहा है.
रेजिडेंट संगठनों ने कार्रवाई की मांग
नोएडा फेडरेशन ऑफ़ अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन सहित कई रेजिडेंट संगठनों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है. इसमें खासतौर पर अधूरी परियोजनाओं का तत्काल पूरा कराने, फायर सेफ्टी ऑडिट कराने जैसी मांगे शामिल हैं. ऐसे हालात में प्रशासन के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. लोगों का मानना है कि यदि समय रहते हैं सुरक्षा व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया और अधूरी परियोजनाओं को नियम के अनुरूप पूरा नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ी घटना भी हो सकती है.
