नोएडा में कूड़ा घोटाला! रूट पर नहीं चलीं 300 में से 157 गाड़ियां, कंपनी पर 10.38 लाख का जुर्माना

नोएडा में सफाई व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठ गया है. प्राधिकरण की जांच में सामने आया है कि कचरा कलेक्शन के लिए तैनात 300 में से 157 गाड़ियां अपने रूट पर नहीं चलीं. इस लापरवाही के चलते लाखों घरों से कूड़ा नहीं उठ पाया, जिससे शहर में गंदगी फैल गई. अथॉरिटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कचरा निस्तारण कंपनी एजी इनवाईरो पर ₹10.38 लाख का भारी जुर्माना लगाया है.

नोएडा में कूड़ा घोटाला Image Credit:

राष्ट्रीय राजधानी से सटी उत्तर प्रदेश की स्मार्ट सिटी नोएडा में सफाई व्यवस्था गजब की है. वैसे तो शहर से कचरा उठाने के लिए 300 गाड़ियों का लंबा चौड़ा बेड़ा तैनात है, लेकिन नोएडा अथॉरिटी की औचक जांच में आधे से अधिक यानी कुल 157 गाड़यां गायब मिली. इस खुलासे के बाद अथॉरिटी में हड़कंप मच गया. अफसरों ने आनन फानन में एक्शन लेते हुए कचरा निस्तारण करने वाली कंपनी एजी इनवाईरो पर 10.38 लाख का जुर्माना ठोक दिया है.

यह मामला में नोएडा में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन से जुड़ा है. नोएडा अथॉरिटी में लगातार शिकायतें आ रहीं थी कि विभिन्न एरिया में कचरा नहीं उठ रहा है. इन शिकायतों को देखते हुए अथॉरिटी की अफसरों ने इस काम में लगी गाड़ियों का जीपीएस लोकेशन चेक किया. इसमें पता चला कि 300 में से महज 143 गाड़ियां ही अपने रूट पर चल रही हैं. जबकि 157 गाड़ियां गैरेज से बाहर ही नहीं निकल रहीं. इन गाड़ियों लोकेशन 25 मार्च से 31 मार्च के बीच का देखा गया है. कायदे से इस अवधि में इन गाड़ियों को कुल 157 कूड़ा उठाना था. इस लापरवाही के लिए कंपनी को करीब 3.92 लाख का जुर्माना भरना पड़ा.

डेढ़ लाख घरों से नहीं उठा कूड़ा

गाड़ियों के रूट पर नहीं चलने की वजह से महज 7 दिनों में ही करीब डेढ़ लाख घरों के बाहर कूड़े का ढेर जमा हो गया. मजबूरी में लोगों ने यह कूड़ा सड़कों और खाली प्लॉटों में डालने लगे. इससे शहर की सुंदरता भी बुरी तरह से प्रभावित हुई. यह देखकर हरकत में आए प्राधिकरण के अधिकारियों ने कंपनी पर 6.5 लाख का अतिरिक्त जुर्माना ठोक दिया है. प्राधिकरण की जांच में यह भी पता चला है कि जो गाड़ियां उपलब्ध भी हैं तो उनमें से करीब 25 प्रतिशत खस्ता हाल हैं. हैरानी की बात यह है कि इन गाड़ियों की समय पर मरम्मत तक नहीं कराई जाती.

क्या कहते हैं अधिकारी?

नोएडा अथॉरिटी के ओएसडी इंदु प्रकाश के मुताबिक शहर के कई सेक्टर से लगातार शिकायतें आ रही थीं. आरोप लग रहा था कि कचरा कलेक्शन करने वाली गाड़ियां नहीं आ रही हैं. जो गाड़ियां आ भी रहीं हैं तो उनकी टाइमिंग ठीक नहीं है. ऐसे में लोगों को घंटें इंतजार करना पड़ता है. इन शिकायतों को देखते हुए जांच कराई गई और फिर कार्रवाई करते हुए कंपनी को सख्त चेतावनी दी गई है.

क्या कहते हैं कंपनी के प्रतिनिधि

कंपनी के मैनेजर शिवान्धु कुमार ने बताया कि नोएडा में 300 गाड़ियां लगी हैं. इनमें से 220 छोटा हाथी टेंपो हैं और करीब 80 ई रिक्शा हैं. इनमें से 157 गाड़ियां रूट पर नहीं चलीं है. इसके लिए ठेकेदार जिम्मेदार है. ठेकेदार की लापरवाही की वजह से इन सभी गाड़ियों का सही समय पर मेंटेनेंस नहीं कराया गया. जिसके चलते यह दिक्कत सामने आई है. फिलहाल इन सभी गाड़ियों की मरम्मत करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं.

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