15 साल इंतजार, अब 20 ई-बसों को चलाने का वादा, क्या इस बार सच होगा ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वालों का सपना

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी 15 साल से सिटी बस संचालन की मांग कर रहे हैं. इसको लेकर समय-समय पर कई घोषणाएं भी हुईं. लेकिन योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पाईं. अब एक बार फिर प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट इलाके में 20 ई बसें चलाने का ऐलान किया है.

ई-बस Image Credit:

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तकरीबन 15 साल पहले सिटी बस सेवा की घोषणा की गई थी. लेकिन आज तक एक भी नियमित सिटी बस का संचालन इस क्षेत्र में नहीं हो पाया है. 5 लाख से अधिक आबादी वाले इलाके के लोग आज भी निजी वाहनों ऑटो और ई-रिक्शा भरोसे यात्रा करते हैं. बस सेवा को लेकर हर साल किसी ना किसी योजना का ऐलान भी किया जाता है. लेकिन जमीनी स्थिति जस की तस है. अब एक बार फिर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सिटी बस चलाने के लिए फिर एक नई योजना सामने आई है जिसके तहत ग्रेटर नोएडा में चार मार्गों पर ई-बसें चलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है.

यह योजना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर की कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है. प्राधिकरण यूपी रोडवेज की मदद से पहले चरण में करीब 15 से 20 ई-बसें चलाने की बात कह रहा है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि पहला प्रस्तावित रूट ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति चौक से होते हुए प्राधिकरण दफ्तर, सिटी पार्क, अल्फा कमर्शियल बेल्ट परी चौक होते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक है.

दूसरा रूट गौर सिटी और आसपास की सोसायटी से होते हुए 60 मीटर रोड हनुमान मंदिर चौक, बिसरख, सूरजपुर कलेक्ट्रेट, एलजी चौक, जगत फार्म, यथार्थ अस्पताल, अपोलो हॉस्पिटल, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के रास्ते होते हुए एयरपोर्ट तक प्रस्तावित है.तीसरा और चौथे रूट में छपरौला फ्लाई ओवर, मकोड़ा गोल चक्कर, बीटा 1, बीटा 2, जगत फार्म, शारदा विश्वविद्यालय इंडिया एक्सपोर्ट मार्ट और नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से होते हुए एयरपोर्ट तक बस चलाने की योजना है.

लेकिन बस स्टैंड कहां?

अब सवाल ये है कि जिन क्षेत्रों में आजतक एक भी स्थाई सिटी बस स्टैंड विकसित नहीं हुआ, वहां बसों का संचालन कैसे होगा. ना ही कोई बस टर्मिनल और ना ही चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था है. आज तक बस डिपो भी नहीं बन पाया है. ऐसे में स्थानीय लोग बस सेवा के ऐलान पर संशय में हैं. उनका कहना है कि केवल बस का रूट तय कर देना समाधान नहीं है. बसों के ठहराव पार्किंग और रखरखाव की व्यवस्था पहले से नहीं की गई तो यह योजना भी पिछली योजनाओं की तरह ही सीमित रह जाएगी.

इससे पहले ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 500 ई- बसों का बड़ा ऐलान किया गया था. लेकिन वह योजना भी आगे नहीं बढ़ सकी. अब चार रूट और 20 बसों की बात हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब 15 साल में एक भी सिटी बस नियमित रूप से ग्रेटर नोएडा वेस्ट में नहीं चल सकी तो नई घोषणाओं पर भरोसा करना मुश्किल हो रहा है.

क्या कहते हैं ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी

एलिगेंट विला सोसाइटी के रहने वाले निवासी सुमित गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2017 से वह ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रह रहे हैं. उस वक्त से यह सार्वजनिक परिवहन की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कोई ठोस व्यवस्था विकसित नहीं हो पाई है. उनका यह भी कहना है कि यहां के रहने वाले लोगों को रोजमर्रा के आवाजाही के लिए ऑटो रिक्शा या अपने निजी वाहन पर ही निर्भर रहना पड़ता है.

स्थानीय प्राधिकरण की मंशा पर उठा रहे सवाल

पंचशील ग्रीन 2 सोसायटी निवासी दीपांकर कुमार ने इस योजना पर ही सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है प्राधिकरण द्वारा सिटी की बस योजना बनाना स्वागत योग्य कदम है लेकिन तकनीकी रूप से यह अधूरी लगती है. दीपंकर कुमार के अनुसार चार रूट पर परी चौक से बसें चलाने की योजना है. लेकिन बसों की संख्या बहुत कम है. 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले ग्रेटर नोएडा वेस्ट में इन चुनिंदा बसों से क्या होगा. क्या यह सच में राहत देने की कोशिश है या फिर मेट्रो को लेकर चल रहे आंदोलन को शांत करने का प्रयास है.

ला रेजिडेंशियल सोसायटी निवासी सुमित जलोटा का कहना है कि शहर में सिटी बस सेवा ही आज तक नहीं चल पाई और मेट्रो की चलाने की बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं. ऐसा लग रहा है कि ये बातें हवा-हवाई की जा रही हैं. वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की संस्था नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सिटी बस सेवा शुरू करने का लिया गया निर्माण स्वागतयोग्य है लेकिन इस धरातल पर उतरने की जिम्मेदारी भी प्राधिकरण का है.

कोरोना से पहले चलाई गई थीं 4 सिटी बसें

उन्होंने आगे कहा कि कोरोना कल से पहले ग्रेटर नोएडा वेस्ट में चार सिटी बसें चलाई गई थी, लेकिन संख्या कम होने और कोरोना आने के बाद उनको बीच में ही बंद कर दिया गया था. उसके बाद से अब तक एक भी सिटी बस ग्रेटर नोएडा वेस्ट में नहीं चल पाई है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या इस बार वाकई में ही सिटी बसें ग्रेटर नोएडा वेस्ट में चलेंगी या फिर यह हर बार की तरह इस बार भी यह मुद्दा कागजों पर सिमट जाएगा.