नोएडा में बनेगा NCR का पहला डबल डेकर पुल, पर्थला से NH-9 तक फर्राटा भरेगा ट्रैफिक

नोएडा प्राधिकरण ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के तीन मूर्ति चौक तक डबल डेकर पुल को मंजूरी दे दी है. यह NCR का पहला ऐसा पुल होगा. इससे पर्थला सिग्नेचर ब्रिज से NH-9 तक का सफर आसान होगा और लाखों लोगों को भीषण जाम से राहत मिलेगी.

नोएडा का पहला डबल डेकर पुल मंजूर (AI Image) Image Credit:

नोएडा ग्रेटर नोएडा और आसपास के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. नोएडा प्राधिकरण ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे NH-9 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के तीन मूर्ति चौक तक डबल डेकर पुल को मंजूरी दे दी है. इस परियोजना के पूरा होने के बाद पर्थला सिग्नेचर ब्रिज से NH-9 तक का सफर 40-50 मिनट के बजाय 10 मिनट में पूरा होगा.

प्रस्ताव के मुताबिक, पुल के पहले चरण में चार-चार लेन का करीब 3.5 किलोमीटर लंबा डबल डेकर पुल बनाया जाएगा. इसके बाद दूसरे चरण में करीब 4 किलोमीटर का पुल बनाकर इसे नोएडा के पर्थला सिगनेचर ब्रिज से जोड़ा जाएगा. इससे पर्थला पुल से गौर सिटी तीन मूर्ति चौक और शहाबेरी होते हुए NH-9 तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा.

4 से 5 लाख वाहनों को मिलेगी राहत

वर्तमान में पर्थला गोल चक्कर गौर सिटी एक मूर्ति और तीन मूर्ति चौराहे से प्रतिदिन करीब 4 से 5 लाख वाहन गुजरते हैं. खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में इन मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से लोगों को चार-पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब चार 40 से 50 मिनट तक का समय लग जाता है. ऐसे में डबल डेकर पुल बनने के बाद यह दूरी करीब 10 से 15 मिनट में तय होने की उम्मीद है.

इस परियोजना की खासियत यह होगी कि स्थानीय यातायात के लिए डबल डेकर पुल के नीचे सड़क उपलब्ध रहेगी. जबकि ऊपर से गुजरने वाले मार्ग सीधे प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर को जोड़ेगा. पुल के जरिए NH-9 पर्थला पुल और 130 मीटर रोड को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे नोएडा, गाजियाबाद दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को भी राहत मिलेगी.

रिकॉर्ड समय मैं तैयार करने की तैयारी

डबल डेकर पुल के निर्माण में करीब 50 पिलर बनाए जाएंगे. डिजाइन के मुताबिक, पुल के यू-गर्डर को साइट पर बनाने की बजाय फैक्ट्री में फ्री कास्ट कर तैयार किए जाएंगे और क्रेन की मदद से पिलर पर स्थापित किए जाएंगे. इससे निर्माण कार्य का समय करीब 60 प्रतिशत तक कम होने का दावा किया गया है. साथ ही ट्रैफिक डायवर्जन की जरूरत कम होगी.

परियोजना पर करीब 760 करोड़ में खर्च होने का अनुमान है. समय सीमा के अनुसार 10 अक्टूबर तक फाइनल रिजल्ट तैयार करने और 31 अक्टूबर तक टेंडर जारी करने का लक्ष्य रखा गया है. जनवरी 2027 में निर्माण शुरू करने और 31 जुलाई 2027 तक प्रोजेक्ट ट्रायल के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.

प्राधिकरण की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी

नोएडा प्राधिकरण में हुई बोर्ड बैठक के बाद एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष यादव ने परियोजना को मंजूरी देते हुए इसके सर्वेक्षण और डिजाइन तैयार करने का निर्देश दिए है. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक पुल नहीं बल्कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए लाइफ लाइन साबित होगा. किसान चौक से पर्थला तक जो लोग रोज करीब एक घंटा बर्बाद करते हैं उनको जल्द ही इस जाम से छुटकारा मिलेगा. पुल बनने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट से NH- 9 का आवागमन तेज हो जाएगा.

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