नोएडा में बदलेगी हरनंदी किनारे की तस्वीर! 29,315 करोड़ से बनेगा 25 KM लंबा रिवर फ्रंट
नोएडा प्राधिकरण हरनंदी नदी के किनारे 25 किलोमीटर लंबा रिवरफ्रंट विकसित कर रहा है. इस परियोजना में छह-लेन सड़कें, हरियाली और मनोरंजन क्षेत्र शामिल होंगे. इस परियोजना पर कुल ₹29.315 करोड़ की लागत आएगी. इसमें 10000 परिवारों के पुनर्वास की भी योजना है.
नोएडा में हरनंदी नदी के किनारे अब बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. नोएडा प्राधिकरण ने हरनंदी रिवर फ्रंट का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. करीब 29.315 करोड रुपए के तहत हरनंदी के दोनों किनारो को विकसित किया जाएगा. 25 किलोमीटर लंबे इस रिवर फ्रंट परियोजना में छह-लेन सड़कें, हरियाली और बच्चों के मनोरंजन क्षेत्र भी शामिल होंगे.
अधिकारियों के मुताबि, प्रस्तावित हरनंदी रिवर फ्रंट को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा. पहले चरण में डीएससी रोड ब्रिज से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे रोड ब्रिज तक करीब 12 किलोमीटर क्षेत्र को विकसित किया जाएगा. दूसरे चरण में बिसरख रोड ब्रिज से डीएससी रोड तक करीब 5 किलोमीटर का हिस्सा शामिल होगा.
वहीं तीसरे चरण में एनएच-24 से बिसरख रोड ब्रिज तक करीब 8 किलोमीटर क्षेत्र का विकास किया जाएगा. तीनों चरण पूरे होने के बाद कुल करीब 25 किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट तैयार होगा. नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करूणेश के मुताबिक, इस परियोजना को साल 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
10 हजार परिवारों के पुनर्वास की भी योजना
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करूणेश के मुताबिक, पूरी परियोजना पर करीब 29.315 करोड रुपए खर्च होने का अनुमान है. इसमें करीब 15 हजार करोड रुपए जमीन खरीदने, 2425 करोड रुपए छह प्लेन सड़क निर्माण और करीब 7240 करोड रुपए भूमि पर विकास कार्यों में खर्च किए जाएंगे. साथ ही तटबंध के काम पर करीब 150 करोड़ खर्च होंगे.
इस परियोजना में सबसे बड़ी चुनौती जमीन और पुनर्वास को माना जा रहा है. योजना के तहत हरनंदी किनारे बसे करीब 10 हजार परिवारों के पुनर्वास का भी प्रावधान किया गया है. इसके लिए करीब 4 हजार करोड़ रुपये का बजट है. पहले भी 200 एकड़ जमीन को इस्तेमाल करने की कोशिश की गई थी लेकिन बाद में वहां अवैध कालोनियां विकसित हो गई.
पहले चरण में 50% काम पूरा करने की तैयारी
परियोजना के पहले चरण में करीब 50% काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. परियोजना को धरातल पर उतरने से पहले जमीन पर नवाज और अन्य तकनीकी दिक्कतों को दूर किया जाएगा. इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर 14 कार्यालय में अधिकारियों की बैठक भी हुई है. अधिकारियों का लक्ष्य जमीन और पुनर्वास से जुड़ी अरचनों को जल्द दूर करना है.