गुरुग्राम से महंगी जमीन अब जेवर की! नोएडा एयरपोर्ट शुरू होते ही प्रॉपर्टी का रेट कई गुना बढ़ा
जेवर एयरपोर्ट के निर्माण ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा की प्रॉपर्टी में जबरदस्त उछाल ला दिया है. अब यह क्षेत्र महंगे आवासीय प्रोजेक्ट्स का केंद्र बन गया है, जिसने गुरुग्राम को भी पीछे छोड़ दिया है. 2020 से 2025 तक प्रॉपर्टी की कीमतों में 92% की वृद्धि दर्ज की गई है. यह सिर्फ सट्टेबाजी नहीं, बल्कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, वैश्विक निवेश और नोएडा के एविएशन हब बनने का परिणाम है, जिससे भविष्य में टिकाऊ विकास सुनिश्चित होगा.
दिल्ली एनसीआर ही नहीं अब देश में कहीं भी लग्जरी प्रापर्टी, महंगे आवासीय प्रोजेक्ट की चर्चा हो रही है तो उसकी शुरूआत नोएडा-ग्रेटर नोएडा से ही हो रही है. खासतौर पर जेवर एयरपोर्ट बनने के बाद नोएडा-ग्रेटरनोएडा की प्रापर्टी में बूम आ गया है. अभी तक महंगी प्रापर्टी को लेकर चर्चा में सबसे पहले गुरुग्राम का नाम लिया जाता था. वहीं नोएडा को आमतौर पर सस्ते और बजट-अनुकूल विकल्प के रूप में देखा जाता था. लेकिन जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के साथ ही स्थिति एकदम से बदल गई है.
इस एयरपोर्ट के रास्ते नोएडा की प्रापर्टी में ऐसा बूम आया कि यहां जमीन मकान के भाव आसमान छूने लगे. एनारॉक की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2020 की पहली तिमाही में नोएडा में औसत घरों की कीमत लगभग 4,795 रुपये प्रति वर्ग फुट थी. साल 2025 की पहली तिमाही तक 92 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई और 9,200 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई. इसमें सबसे ज्यादा ग्रेटर नोएडा ने इस दौरान 98 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की. यह बढोत्तरी गुरुग्राम (84 प्रतिशत) से भी ज्यादा है. यह कोई अस्थायी सट्टेबाजी नहीं, बल्कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों के बढ़ते विश्वास का नतीजा है.
एविएशन हब बन रहा नोएडा
लगभग 30,000 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित यह एयरपोर्ट पूर्वी एनसीआर को एशिया के प्रमुख एविएशन हब के रूप ले रहा है. यह क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और शहरी विकास का नया इंजन बन रहा है. स्क्वायर यार्ड्स की रिसर्च के मुताबिक, जेवर एयरपोर्ट के प्रभाव से यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर प्रॉपर्टी की कीमतें सबसे तेजी से बढ़ी हैं. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2027 तक इस क्षेत्र में प्लॉट्स की कीमतों में 28 प्रतिशत और फ्लैट्स में 22 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
दुनिया भर से आ रहा निवेश
हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर के अनुसार, नोएडा का रियल एस्टेट बाजार अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है. एयरपोर्ट के कारण बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है, वैश्विक कंपनियां यहां रुचि ले रही हैं, रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और आवासीय तथा व्यावसायिक दोनों सेगमेंट में मांग चरम पर पहुंचने वाली है. इस एविएशन हब का फायदा सिर्फ नोएडा या यमुना एक्सप्रेसवे तक सीमित नहीं रहेगा. बीपीटीपी के सीईओ और प्रेसिडेंट माणिक मलिक का कहना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का सकारात्मक असर फरीदाबाद के रियल एस्टेट पर भी पड़ेगा.
भविष्य में दाम बुनियादी ढांचे पर निर्भर होंगे
जेवर एयरपोर्ट के संचालन से क्षेत्र में ‘टू-वे ग्रोथ साइकिल’ शुरू हो गई है. एक ओर बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास से आय और रोजगार बढ़ रहे हैं, वहीं नोएडा फिल्म सिटी और बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट जैसे प्रोजेक्ट्स पर्यटन को भी बढ़ावा दे रहे हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रॉपर्टी की कीमतों में होने वाली वृद्धि अब सिर्फ अटकलों पर आधारित नहीं रहेगी. यह मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और जमीनी आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी होगी, जिससे विकास अधिक स्थिर और टिकाऊ बनेगा. नोएडा अब गुरुग्राम जैसी लग्जरी छवि की ओर बढ़ रहा है, लेकिन अपनी किफायती और विकासोन्मुखी पहचान को भी बनाए रखते हुए.