न टाइम पर सैलरी, न ही ओवरटाइम… UP में सड़क पर उतरे मजदूर, लखनऊ में DGP ने संभाला मोर्चा

उत्तर प्रदेश और एनसीआर में मजदूरों का आंदोलन भड़क गया है. कम वेतन, ओवरटाइम भुगतान न मिलने और अनिश्चित काम के घंटों के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शन नोएडा में हिंसक हो गए. आरोप है कि पुलिस फायरिंग के बाद पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी हुई. अब यह आंदोलन गाजियाबाद और बुलंदशहर तक फैल गया है, जिस पर डीजीपी खुद नजर बनाए हुए हैं.

नोएडा में मजदूरों का आंदोलन

राष्ट्रीय राजधानी से सटे हरियाणा के गुरुग्राम से शुरू हुआ मजदूरों का आंदोलन नोएडा में आकर हिंसक हो गया है. नोएडा में बवाल के बाद अब गाजियाबाद और बुलंदशहर के भी मजदूर इस आंदोलन में शामिल हो गए हैं. मजदूरों का आरोप है कि महंगाई इतनी बढ़ गई, बावजूद इसके 10-12 घंटे काम कराने के बाद मुश्किल से 500 से 700 रुपये की दिहाड़ी बन पाती है. ओवरटाइम के नाम पर और शोषण किया जाता है.

वेतन वृद्धि की मांग को लेकर एनसीआर में शुरू हुआ मजदूरों का यह आंदोलन 11 अप्रैल तक शांतिपूर्ण रहा. 12 अप्रैल को ग्रेटर नोएडा में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने फायरिंग कर दी. आरोप है कि इस फायरिंग में एक महिला मजदूर को गोली लगी थी. इसके बाद आंदोलन उग्र हो गया. नोएडा की कंपनियों से मजदूर निकलकर सड़कों पर बैठ गए. इस दौरान सड़क जाम करते समय मजदूरों की पुलिस के साथ झड़प हुई. देखते ही देखते मजदूरों ने पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी. इसके पुलिस ने लाठीचार्ज कर हालात को संभालने की कोशिश की.

मजदूरों का ये है दर्द

मजदूरों के इस आंदोलन का केंद्र रहे नोएडा फेस टू के होजरी कंपलेक्स में करीब 100 से अधिक कंपनियां हैं. वहीं ईकोटेक थर्ड के औद्योगिक विहार क्षेत्र में भी 100 से अधिक कंपनियां हैं. इन सभी कंपनियों के मजूदर इस आंदोलन में शामिल हैं. इन मजदूरों का दर्द है कि उन्हें न तो वेतन समय पर मिलता है और ना ही ओवर टाइम. 10 से 12 घंटे काम करने के बाद मुश्किल से 500 से 700 की दिहाड़ी बनती है, इस महंगाई के दौर में यह बहुत कम है. वेतन बढ़ाने की मांग लंबे समय से लंबित है. ऐसे में मजदूरों ने न्यूनतम वेतन 26000 रुपए करने, ओवर टाइम का भुगतान दोगुनी दर से करने, काम के घंटे तय करने और हफ्ते में एक दिन छुट्टी की मांग के साथ यह आंदोलन शुरू किया है.

लाठी चार्ज से बिगड़ा माहौल

5 दिनों से जारी मजदूरों का आंदोलन सोमवार को हिंसक हो गया. दरअसल मजदूर सड़क जामकर प्रदर्शन करने जा रहे थे. पुलिस ने रोका तो बवाल शुरू हो गया. नौबत लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले दागने की आ गई. देखते ही देखते इस बवाल की आंच नोएडा से निकलकर गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर के औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच गई. वहां भी मजदूरों ने कामकाज ठपकर सड़कों पर जाम लगा दिया.

डीजीपी ने संभाला मोर्चा

नोएडा में चल रहे इस बवाल से राजधानी लखनऊ में भी हड़कंप मच गया है. खुद प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण और ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. डीजीपी ने तो इस घटना को लेकर बयान भी जारी किया है. उन्होंने कहा कि बवाल भड़काया गया है. अब पुलिस बवाल भड़काने वालों की पहचान कर रही है. मजदूरों के आंदोलन में शामिल बाहरी तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा.

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