जेवर एयरपोर्ट से मई में शुरू होगी 17 शहरों के लिए सीधी फ्लाइट, हर 2 मिनट में एक टेक-ऑफ

यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में एयरपोर्ट संचालन शुरू करने से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में तय किया गया कि मई के अंत तक घरेलू और कार्गो सेवाएं शुरू करने का रोड मैप तैयार कर लिया जाए. शुरुआत में 17 घरेलू रूट पर उड़ानों का प्रस्ताव रखा गया है.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट Image Credit:

देश के सबसे महत्वपूर्णशी एविएशन प्रोजेक्ट में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. लंबे इंतजार के बाद अब जेवर एयरपोर्ट प्रोग्राम शुरू करने की तारीख लगभग तय हो गई है. यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड की बोर्ड बैठक में अगले माह से घरेलू और कार्गो उड़ानी शुरू करने की दिशा में ठोस निर्णय लिया गया है. शुरुआत में 17 शहरों के लिए फ्लाइट ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी चल रही है. इसको लेकर एयरलाइंस कंपनियों के साथ बातचीत भी तेज हो गई है.

बोर्ड बैठक में उड़ान शुरू करने पर बनी सहमति

हाल ही में हुई यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में एयरपोर्ट संचालन शुरू करने से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में तय किया गया कि मई के अंत तक घरेलू और कार्गो सेवाएं शुरू करने का रोड मैप तैयार कर लिया जाए. शुरुआत में 17 घरेलू रूट पर उड़ानों का प्रस्ताव रखा गया है. हालांकि किन-किन शहरों के लिए उड़ाने शुरू होगी इसका अंतिम चयन अभी होना बाकी है. लेकिन दिल्ली एनसीआर और उत्तर भारत के प्रमुख शहरों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है.

एयरपोर्ट प्रशासन ने तीन एयरलाइंस कंपनियों के साथ शुरुआती दौर की बातचीत पूरी कर ली है. सूत्रों के मुताबिक कम लागत वाली घरेलू एयरलाइंस को प्राथमिकता दी जा सकती है ताकि शुरुआत में यात्रियों को किफायती उड़ान सेवा उपलब्ध हो सके. अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या बढ़ेगी वैसे-वैसे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का दायरा भी बढ़ाया जाएगा. पहले चरण में घरेलू कनेक्टिविटी पर फोकस रखा जा रहा है.

25 नए स्टैंड बनेंगे, हर 2 मिनट में उड़ान की क्षमता

बोर्ड बैठक में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बिस्तर पर भी बड़ा फैसला लिया गया है अगले 2 वर्षों में विमान की पार्किंग और संचालन के लिए 25 नई स्टैंड बनाए जाएंगे. इस पर करीब 300 करोड रुपए खर्च होने का अनुमान है. फिलहाल 28 स्टैंड तैयार है जिनमें कार्गो और व्यावसायिक विमान की सुविधा शामिल है. अधिकारियों का दावा है कि रनवे और एयर ट्रैफिक सिस्टम इस तरह डिजाइन किया गया है कि हर 2 मिनट में एक विमान उड़ान भर सकेगा.

इसे देश के सबसे आधुनिक एयरपोर्ट मॉडल में गिना जा रहा है. एयरपोर्ट परिसर में यात्री और क्रू मेंबर्स की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं. होटल निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा वित्त और बिजनेस यात्रियों के लिए आधुनिक लाउंज प्रीमियम वेटिंग जॉन और विशेष खानपान सुविधा भी विकसित की जा रही है. एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव देने के लिए सभी व्यवस्थाएं की जा रही है.

यूपी के लिए गेम चेंजर साबित होगा जेवर एयरपोर्ट

उड़ान शुरू होने से पहले सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया सुरक्षा मंजूरी यानी एरोड्रम और एएसपी से जुड़ी अनुमतियों की है. यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ आर के सिंह के मुताबिक गृह मंत्रालय की आपत्तियों को दूर करने का काम शुरू हो चुका है और इसी महीने सभी तरीके मंजूरी हासिल करने की कोशिश की जा रही है. उम्मीद है कि आवश्यक सीकृतियां समय से मिल गई तो अगले महीने से उड़ानों का संचालन शुरू करने में कोई बाधा नहीं आएगी.

जेवर एयरपोर्ट को सिर्फ एक एयरपोर्ट ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक इंजन के तौर पर देखा जा रहा है. इसके शुरू होने से नोएडा , ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़, बुलंदशहर आगरा और आसपास के जिलों को सीधा लाभ मिलेगा औद्योगिक निवेश लॉजिस्टिक पर्यटन रियल एस्टेट और रोजगार के नए अफसर खुलेंगे खासकर कार्गो उड़ानों के शुरू होने से निर्यात क्षेत्र में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

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