नोएडा में आज भी बवाल, सड़कों पर उतरे सैंकड़ों मजदूर, पत्थरबाजी करते प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ा

13 अप्रैल को मजदूरों के आंदोलन के दौरान हिंसा भड़क गई थी. आज फिर शहर सेक्टर 121, 80, 70 और कासना इलाके में मजदूर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए नजर आए. इन इलाकों में प्रदर्शनकारी पत्थर बाजी भी करते हुए भी नजर आए.

नोएडा में आज फिर हिंसा

नोएडा में श्रमिकों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है. आज फिर बड़ी संख्या में सैकड़ों मजदूर नोएडा के अलग-अलग इलाकों में में प्रदर्शन करते हुए नजर आए. हालांकि, पुलिस की मौजूदगी के चलते प्रदर्शनकारियों को वापस भेज दिया गया है. हालांकि, पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को एक जगह इकट्ठा नहीं होने दिया.

नोएडा के फेस टू इलाके और नोएडा के सेक्टर 63 समेत शहर के कई हिस्सों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. इसके बावजूद भी नोएडा के सेक्टर 121, 80, 70 और ग्रेटर नोएडा के कासना इलाके में भी मजदूर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए नजर आए. इन इलाकों में प्रदर्शनकारी पत्थर बाजी भी करते दिखे. फिलहाल, पुलिस ने पत्थरबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया है.

कैसे हिंसक हुआ मजदूरों का आंदोलन?

नोएडा में मजदूरों का आंदोलन 9 अप्रैल को फेस टू थाना क्षेत्र स्थित होजरी कंपलेक्स से शुरू हुआ. जहां गवर्नमेंट और होजरी यूनिट्स में काम करने वाले मजदूर फैक्ट्री के बाहर इकट्ठा हुए और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए. शुरुआत में यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और मजदूरों ने बातचीत के जारिए अपनी बात रखने की कोशिश की.

11 अप्रैल तक उनकी मांगों पर ना तो कंपनियों ने विचार किया और ना ही प्रशासन ने कोई जवाब दिया. इससे असंतोष बढ़ता गया. इसी बीच 12 अप्रैल को इकोटेक थर्ड इलाके में प्रदर्शन के दौरान मामला बिगड़ गया. आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने फायरिंग भी की.

पिछले 24 घंटे के दौरान क्या हुआ?

आरोप है कि इस फायरिंग में एक महिला मजदूर को गोली लगी. इसके बाद मजदूरों में आक्रोश फैल गया. अगले ही दिन यानी 13 अप्रैल को नोएडा के फेस 2 और सेक्टर 62 और NH 9 जैसे प्रमुख इलाकों में हजारों मजदूर सड़कों पर उतर आए. जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया.

प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी डिवाइडर पर चढ़कर नारेबाजी की. इससे पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई. यही नहीं, नोएडा के सभी एंट्री पॉइंट पर मजदूरों ने कब्जा कर लिया. इससे दिल्ली और गाजियाबाद में भी लंबा जाम लग गया. इस दौरान कई जगह मजदूरों ने तोड़फोड़ और आगजनी की. इससे अफरा तफरी मच गई.

60 से ज्यादा लोग हिरासत में

प्रदर्शनकारियो ने सेक्टर 63 के थाने पर भी पथराव कर दिया. पुलिस की कई गाड़ियों को तहस-नहस कर दिया. मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान उनकी पुलिस से भी झड़पें भी हुईं. हालात संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज का भी सहारा लिया, लेकिन उससे प्रदर्शनकारी और भड़क गए.

हिंसा के बाद पुलिस ने सोमवार रात में 30 लोगों को हिरासत में लिया, जबकि 60 लोग पहले से ही हिरासत में थे. इसके अलावा, 200 लोगों की पहचान हुई है. इनमें वे लोग शामिल है जो पथराव तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं में शामिल थे. इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों की पहचान जारी है.

न्यूनतम वेतन 3000 तक बढ़ाया

वही मजदूरों के विरोध के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. न्यूनतम वेतन में 3000 तक की बढ़ोतरी कर दी गई है जो 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दी गई है. यह फैसला मजदूरों की प्रमुख मांगों में शामिल था और इस आंदोलन को शांत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित कमेटी की अहम बैठक हुई. इसमें मजदूरों की समस्याओं पर चर्चा की गई, बैठक में वेतन, ओवरटाइम, साप्ताहिक अवकाश और कार्य स्थल की स्थितियों जैसे मुद्दों पर बात हुई. आज , फिर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें श्रमिकों की अन्य मांगों को लेकर विचार किया जाएगा.

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