नोएडा में 174 एकड़ पर बनेगा मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, प्लॉट का रिजर्व प्राइस भी हुआ तय

ग्रेटर नोएडा में 174.12 एकड़ पर मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) बनेगा, यूपी कैंबिनेट से प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. यह मेगा प्रोजेक्ट 1000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करेगा, इसके लिए 30% फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी मिलेगा. इसके साथ ही प्लॉट का रिजर्व प्राइस भी तय किया गया है.

सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो) Image Credit:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक संपन्न हुई. इसमें ग्रेटर नोएडा में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) बनाने की मंजूरी दी गई है. यह मेगा प्रोजेक्ट 000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करेगा. ऐसी परियोजनाओं को 30% फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी मिलेगी. प्लॉटों का आवंटन ई-नीलामी मॉडल के तहत होगा.

ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) को सेक्टर कप्पा-02 में विरसित करेगा. इसके लिए लगभग 174.12 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी. टेंडर में रजिस्टर्ड फर्म एलएलपी, निजी या सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियां भाग ले सकेंगी, जबकि कंसोर्टियम या ज्वाइंट वेंचर को अनुमति नहीं होगी.

प्लॉट के लिए प्रति वर्गमीटर तय हुआ रिजर्व प्राइस

कैबिनेट बैठक में प्लॉट के लिए प्रति वर्गमीटर रिजर्व प्राइस भी तय किया गया है. रिजर्व प्राइस 11,000 रुपये प्रति वर्गमीटर रखा गया है. 30% फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी की गणना इसी रिजर्व प्राइस के आधार पर की जाएगी. वह सफल बोलीदाता को प्रोजेक्ट 7 साल के अंदर पूरा करना होगा. जिसमें पहले 3 सालों में कम से कम 40% कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा.

हालांकि, विशेष परिस्थितियों में प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अधिकतम 2 साल का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है. वहीं, परियोजना के पूर्ण संचालन और निर्धारित निवेश प्रतिबद्धताओं की पूर्ति से पहले आवंटी को परियोजना से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह कदम परियोजना की गंभीरता और उसे समय से पूरा करने के लिए उठाया गया है.

प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक शेड्स योजना को भी मंजूरी

योगी कैबिनेट ने प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक शेड्स योजना-2026” को भी मंजूरी दे दी है. यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत डिजाइन-बिल्ड-फाइनेंस-ऑपरेट-ट्रांसफर (DBFOT) मॉडल पर आधारित होगा. अभी लीज-एंड-बिल्ड मॉडल में इसपर भारी निवेश करना पड़ता है, जिससे उत्पादन शुरू होने में 18-36 महीने लग जाते हैं.

इस योजना के तहत अब औद्योगिक शेड्स उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उत्पादन तेजी से शुरू होगा और रोजगार बढ़ेगा. इसके तहत भूमि का स्वामित्व प्राधिकरण के पास रहेगा और निजी डेवलपर 45 वर्ष के लिए डिजाइन, वित्तपोषण, निर्माण, संचालन और अनुरक्षण करेगा और उद्योगों को सब-लीज पर शेड्स उपलब्ध कराएगा.

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