पैसे के लिए इंसानियत भूल गए पोस्टमार्टम कर्मचारी, परिजनों को खुद डेड बॉडी करना पड़ा पैक
नोएडा में पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारियों ने शव को हाथ लगाने के लिए मृतक के परिजनों से पैसे मांगे. लेकिन परिजन पैसे दे पाने में असमर्थ थे. ऐसे में चंद रुपयों के खातिर पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारियों ने शव को हाथ लगाने से मना कर दिया. फिर परिजनों को खुद डेड बॉडी को पैक करना पड़ा.
यूपी के सबसे हाईटेक माने जाने वाले शहर नोएडा से एक शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है. दरअसल, सेक्टर 94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस में तैनात कर्मचारियों पर मृतक के परिजनों से पैसे मांगने का आरोप लगा है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि जब पैसे नहीं मिले तो मृतक के शव को कर्मचारियों ने हाथ लगाने से ही मना कर दिया. परिजन खुद ही मृतक के शव को कपड़े में लपेटते हुए नजर आए. इस घटना ने एक बार फिर सरकारी सिस्टमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वीडियो वायरल होने के बाद नोएडा के सीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं.
पैसे ना मिलने पर कर्मचारियों ने शव को हाथ तक ना लगाया
परिजनों के अनुसार मृतक का पोस्टमार्टम करने के लिए जब शव को पोस्टमार्टम हाउस लाया गया तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने कथित तौर पर पैसों की मांग की थी. परिजन पैसे देने में असमर्थ रहे तो कर्मचारियों ने शव को छूने से इनकार कर दिया. आरोप है कि किसी भी स्तर पर उन कर्मचारियों का दिल नहीं पिघला. परिजनों को ऐसी स्थिति में ही छोड़ दिया गया .
परिजनों ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम हाउस में शव को रखने के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं था. मजबूरी में मृतक का शव घंटों खुले में जमीन पर पड़ा रहा. आसपास मौजूद लोगों के लिए यह एक बेहद विचलित कर देने वाला दृश्य रहा. लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी कोई पीड़ितों के पक्ष में सुनवाई नहीं हुई.
परिजनों ने खुद अपने हाथों से शव को किया पैक
जब काफी समय तक कोई सहायता नहीं मिली तो परिजनों ने हताश होकर खुद ही शव को कपड़े और प्लास्टिक की मदद से पैक किया. इसका वीडियो वहां पर मौजूद किसी व्यक्ति ने बना लिया और उसको सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. अब इस मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो उनके संज्ञान में आया है मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम हाउस के नोडल अधिकारी डॉक्टर जयशलाल को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं.
