नोएडा की 6 सोसायटियों को बड़ा झटका, STP जांच में फेल होने पर अब लगेगा जुर्माना
नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर 150 में निरीक्षण के दौरान कई अलग-अलग सोसाइटियों पर जाकर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया. इसमें 6 सोसाइटीज ऐसी पाई गईं जहां पर यह सीवेज प्लांट मानकों के अनुरूप काम नहीं कर रहे थे. दो सोसाइटी ऐसी पाई गई जहां पर एसटीपी प्लांट पूरी तरह से बंद थे.
नोएडा सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद प्राधिकरण अब एक्शन मोड में है. प्राधिकरण की ओर से अब ऐसी सोसायटियों को चिन्हित किया गया है जो गंदा पानी सीधा नालों में बहा रहे हैं. प्राधिकरण ने अकेले सेक्टर 150 में ही ऐसे 6 सोसाइटीज की पहचान की है. इन पर अब जुर्माना लगाने के लिए बाकायदा प्रदूषण बोर्ड को एक पत्र भी लिखा गया है.
नोएडा प्राधिकरण की जल विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया इन सोसाइटियों में एसटीपी यानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट मनको के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं. कई सोसाइटियों में यह सिस्टम पूरी तरह से बंद पाया गया. ऐसे में सोसाइटी से निकलने वाले रोजाना लाखों मिलियन लीटर पानी सीधा नालों में बहाया जा रहा है.
जल विभाग की जांच में सामने आई गंभीर खामियां
नोएडा प्राधिकरण के जल व सीवर महाप्रबंधक आरपी सिंह ने बताया कि सेक्टर 150 में निरीक्षण के दौरान कई अलग-अलग सोसाइटियों पर टीम ने जाकर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया. इसमें 6 सोसाइटीज ऐसी पाई गईं जहां पर यह सीवेज प्लांट मानकों के अनुरूप काम नहीं कर रहे थे. दो सोसाइटी ऐसी पाई गई जहां पर एसटीपी प्लांट पूरी तरह से बंद थे.
इन सोसाइटी में मिली खामियां
जल और सीवेज महाप्रबंधक आरपी सिंह ने बताया जांच में जिन सोसाइटियों मैं संचालन संबंधी खामी आई है उनमें प्रमुख रूप से सेक्टर 150 स्थित विभिन्न भूखंडों पर बनी परियोजना शामिल है. इनमें लैंड क्राफ्ट बिल्डर प्राइवेट लिमिटेड समृद्धि इंफ्रा स्क्वायर प्राइवेट लिमिटेड, एस इंफ्रासिटी डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड, एसिट इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, एस गोल्फ शायर सोसायटी और नोबिलिटी एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड आदि शामिल है. महाप्रबंधक आरपी सिंह ने बताया की इन सभी बिल्डरो की सोसाटियों में बिना संशोधन किए गंदा पानी सीधा नालों में बहाया जा रहा. कई जगह यह पानी आसपास बने गढ़ों में इकट्ठा हो रहा है. इन जगहों को चिन्हित भी किया गया है. जल्द ही वहां से पानी को भी निकलने का काम किया जाएगा.
यमुना और हिंडन नदी सबसे बड़ा कारण
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि गड्ढो मे सबसे बड़ा मुख्य कारण सेक्टर 150 क्षेत्र के आसपास यमुना और हिंडन नदी के होना का है. दरअसल, सेक्टर 150 के आसपास कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है. बिल्डर जब यहां खुदाई करते हैं तो कई जगह से पानी लीक हो जाता है. यह धीरे-धीरे आसपास के क्षेत्र में भरना शुरू हो जाता है. इसको लेकर भी प्राधिकरण अब गंभीर है. ऐसे 6 बिल्डर पर कार्रवाई करने के लिए अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिख दिया गया है. जल्द ही इन सभी बिल्डरों पर बड़ी कार्रवाई होगी.
नोएडा से यमुना में जा रहा है दूषित पानी सुप्रीम कोर्ट पर सुनवाई आज
इन सब के बीच सबसे बड़ी बात यह है कि नोएडा से यमुना में दूषित पानी जा रहा है. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज एक बड़ी सुनवाई होनी है. नोएडा प्राधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा तैयार की गई. रिपोर्ट आज कोर्ट के समक्ष रखी जाएगी। नोएडा प्राधिकरण ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है. शहर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की पर्याप्त क्षमता उपलब्ध है. 100 प्रतिशत सीवेज को ट्रीट किया जा रहा है.
शहर में कुल 411 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट मौजूद है, जबकि सीवेज उत्पादन लगभग 240 एमएलडी का है. वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. नोएडा क्षेत्र से निकलने वाला सीवेज बिना ट्रीट किए बगैर पूरी तरह से यमुना नदी में डाला जा रहा है. इस पेड़ पौधों को नुकसान और जल प्रदूषण का खतरा लगातार बढ़ रहा है.