नोएडा में पेट्रोल-डीजल के बाद अब ‘छत’ भी महंगी… सोसाइटियों का मेंटेनेंश चार्ज 48% तक बढ़ा
नोएडा में पेट्रोल, डीजल और दूध के बाद अब आवासीय सोसाइटियों ने मेंटेनेंस शुल्क बढ़ा दिया है. महंगाई के इस दौर में शुल्क वृद्धि ने हजारों परिवारों के मासिक बजट को बिगाड़ दिया है. जहां प्रबंधन बढ़ती लागत और कर्मचारियों के वेतन को कारण बता रहा है, वहीं निवासी इसे मनमानी बढ़ोतरी करार दे रहे हैं.
नोएडा के लाखों निवासियों पर महंगाई की एक और मार पड़ी है. पेट्रोल-डीजल, दूध, बिजली और रोजमर्रा की जरूरत की बढ़ती कीमतों के बीच अब कई आवासीय सोसाइटियों में मेंटेनेंस चार्ज 20 से 48 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है. अचानक बड़े शुल्क से हजारों परिवारों का मासिक बजट प्रभावित होने लगा है. निवासी इसे मनमानी बढ़ोतरी बता रही हैं.
वहीं, सोसायटी प्रबंधन बढ़ती लागत और कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि को इसका कारण बता रहे हैं. जानकारी के मुताबिक सेक्टर 150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी में मेंटेनेंस शुल्क 4.96 प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 7.30 रुपए कर दिया गया है. यह करीब 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी है जिसको लेकर निवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है.
इन सोसाइटी में भी बढ़ा या बढ़ाने वाला है चार्ज
नोएडा की कई अन्य सोसाइटियो में भी मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाया गया है या बढ़ाने की तैयारी चल रही है. जिसमें टाटा यूरेका पार्क सेक्टर 150 में 48 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है. जेपी विशटाउन सोसाइटी में करीब 25 प्रतिशत और सिविटेक स्टेडियम सोसाइटी में 2.55 से बढ़कर लगभग 3.10 प्रति वर्ग फुट करने का प्रस्ताव जारी किया गया है.
गोल्फ सिटी सोसाइटी में दोबारा शुल्क बढ़ाने को लेकर चर्चा है. तो वहीं गुलशन बोटेनिया सोसाइटी में हाल ही में शुल्क बढ़ाया गया है. इसके अलावा गौर ग्रैंड सोसाइटी में शुल्क वृद्धि की गई है. बढ़ते मेंटेनेंस शुल्क को लेकर सोसायटी के लोगों का कहना है कि महंगाई चरम सीमा पर है लेकिन मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने के बावजूद भी लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं.
सोसाइटी प्रबंधन ने बताई शुल्क बढ़ाने की वजह
वहीं, इस मामले में विभिन्न सोसाइटियों के प्रबंधन से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि सुरक्षा गार्ड, हाउसकीपिंग, गार्डनिंग और अन्य कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावा जीएसटी बिजली और रखरखाव की भी लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. न्यूनतम वेतन और अन्य खर्चों में इजाफे के कारण मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाना जरूरी हो गया था.
नोएडा की सोसाइटियो में रहने वाले लोगों का कहना है कि पहले से ही पेट्रोल डीजल दूध सब्जियां स्कूल फीस और बिजली के बढ़ते खर्चों ने परिवार का बजट बिगाड़ दिया है. अब मेंटेनेंस शुल्क में 20 से 48 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी में उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. निवासियों की मांग है कि किसी भी शुल्क वृद्धि से पहले सोसायटी के खर्चों का पूरा देना चाहिए.