172 करोड़ की लागत से तैयार हुई पुरानी कचहरी जेल, 7 साल बाद वापस कल से कैदियों की होगी शिफ्टिंग
सरकार ने बरेली के पुरानी जेल परिसर को नए रूप में विकसित कर दोबारा जेल संचालन का फैसला लिया है.अब यह नया जिला कारागार आधुनिक सुविधाओं और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था से लैस किया गया है.पूरे जेल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, हाई सिक्योरिटी सेल तैयार किए गए हैं और कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है.कल यानी 20 जून से इसमें कैदियों की शिफ्टिंग की शुरुआत की जा रही है.
बरेली शहर के बीचों-बीच कचहरी के पास पुरानी जेल के जमीन पर 172 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया नया जिला कारागार अब शुरू होने के लिए पूरी तरह तैयार है. जेल प्रशासन ने उद्घाटन की प्रक्रिया तेज कर दी है. इसके लिए कारागार मंत्री से समय भी मांगा गया है. उम्मीद जताई जा रही है कल 150 कैदियों की शिफ्टिंग शुरू कर दी जाएगी.
पहले इस स्थान पर पुरानी जिला जेल संचालित होती थी. बाद में बंदियों को भुता स्थित केंद्रीय कारागार-2 में स्थानांतरित कर दिया गया था. उस समय इस जमीन पर अन्य विकास योजनाएं, जैसे व्यावसायिक परियोजनाएं और अन्य निर्माण की संभावनाएं भी सामने आई थीं. लेकिन समय के साथ यह महसूस किया गया कि केंद्रीय कारागार-2 कोर्ट और शहर से काफी दूर है, जिससे बंदियों को पेशी, इलाज और अन्य कामों के लिए बार-बार लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी.
आधुनिक सुविधाओं से लैस है नया जेल
इसी वजह से सरकार ने पुरानी जेल परिसर को नए रूप में विकसित कर दोबारा जेल संचालन का फैसला लिया. अब यह नया जिला कारागार आधुनिक सुविधाओं और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था से लैस किया गया है. पूरी जेल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, हाई सिक्योरिटी सेल तैयार किए गए हैं और कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है. मुख्य प्रवेश द्वार पर एक आकर्षक मंदिर का भी निर्माण कराया गया है.
2579 बंदियों की है नए जिला कारागार की कुल क्षमता
नए जिला कारागार की कुल क्षमता 2579 बंदियों की रखी गई है. पहले चरण में केंद्रीय कारागार-2 से सात साल से कम सजा पाने वाले 150 कैदियों को यहां शिफ्ट किया जाएगा. महिला बंदियों के लिए भी अलग सेल तैयार की गई है और उसके लिए बंदियों की मांग की गई है.
व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए 15 करोड़ रुपये जारी
शासन की ओर से पिछले महीने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए करीब 15 करोड़ रुपये जारी किए गए थे. इससे फर्नीचर, निगरानी व्यवस्था और अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं. अधीक्षक, डिप्टी जेलर और फार्मासिस्ट की तैनाती हो चुकी है, जबकि चिकित्सक की मांग शासन को भेजी गई है.
जेल अधीक्षक ने क्या बताया?
नई जेल में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. उद्घाटन के लिए कारागार मंत्री से समय मांगा गया है. जिलाधिकारी को भी जानकारी देकर सुरक्षा व्यवस्था के लिए होमगार्डों की मांग की गई है. पहले चरण में 150 कैदियों को शिफ्ट किया जाएगा. उम्मीद है कि जल्द प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
