अबान के जनाजे में शामिल होंगे उमर और अली, HC ने एक शर्त के साथ दी परोल
माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क हादसे में मौत के बाद उसके जनाजे में शामिल होने के लिए जेल में बंद भाइयों उमर अहमद और अली अहमद को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परोल दी है. दोनों को अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मिली है, लेकिन कोर्ट ने मीडिया से बातचीत नहीं करने की शर्त लगाई है. अबान की मौत झांसी-कानपुर हाईवे पर तेज रफ्तार कार के डिवाइडर से टकराने के बाद हुई. प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई है.
माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क हादसे में मौत के बाद परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है. झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर हुए भीषण हादसे में 21 वर्षीय अबान की मौत हो गई. अब उसके जनाजे में शामिल होने के लिए जेल में बंद उसके दोनों बड़े भाइयों उमर अहमद और अली अहमद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से परोल मिल गई है. जिला न्यायालय से अनुमति नहीं मिलने के बाद दोनों भाइयों की ओर से हाईकोर्ट का रुख किया गया था.
हाईकोर्ट ने दोनों को अपने छोटे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी. हालांकि कोर्ट ने दोनों पर एक अहम शर्त भी लगाई है कि वे मीडिया से कोई बातचीत नहीं करेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि दोनों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी. अबान का अंतिम संस्कार प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में किया जाना है. प्रशासन ने कब्रिस्तान और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है.
अतीक-अशरफ की हत्या, असद का एनकाउंटर
यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि अतीक अहमद के परिवार में एक के बाद एक कई बड़े हादसे और कानूनी घटनाएं हो चुकी हैं. अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या हो चुकी है, बेटा असद पुलिस एनकाउंटर में मारा गया और अब सबसे छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत हुई है. वहीं परिवार के दो बेटे अभी जेल में हैं और अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन समेत परिवार की कुछ महिलाएं अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
हाईकोर्ट ने क्यों दी उमर और अली को पैरोल?
अबान की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसके बड़े भाई उमर अहमद और अली अहमद ने पहले जिला न्यायालय में अर्जी दी थी. जिला अदालत ने उनकी अर्जी खारिज कर दी. इसके बाद दोनों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में पैरोल के लिए याचिका दाखिल की गई. हाईकोर्ट ने दोनों भाइयों को अबान के जनाजे में शामिल होने की अनुमति दे दी. कोर्ट ने सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार से जानकारी ली.
परिवार के मुताबिक, अबान का शव प्रयागराज के पुरामुफ्ती इलाके में उसकी बुआ के घर रखा गया था. अंतिम संस्कार कसारी-मसारी कब्रिस्तान में किया जाना है. कसारी-मसारी कब्रिस्तान में ही अतीक के परिवार का अंतिम संस्कार होता है. अतीक, अशरफ और असद के कब्र के बगल में ही अबान की कब्र खोदी गई है. वहीं पर अबान का अंतिम संस्कार किया गया जाएगा. इसे देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.
कैसे हुई अबान की मौत?
अबान अहमद की मौत गुरुवार को झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर सड़क हादसे में हुई. पूंछ थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार क्रेटा कार डिवाइडर से टकरा गई. हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. कार में अबान समेत पांच लोग सवार थे. हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक घायल हुए. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अबान के शव का झांसी मेडिकल कॉलेज में तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक तेज टक्कर के कारण अबान और सोनू को गंभीर ब्रेन हेमरेज हुआ. दोनों के पेट के अंदरूनी अंग, आंतें और हृदय भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए. अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव के कारण दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. अबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने के लिए प्रयागराज से झांसी जा रहा था. अली इस समय झांसी जेल में बंद है.
अतीक के पांच बेटों में अब कितने जिंदा हैं?
अतीक अहमद के पांच बेटे थे. इनमें तीसरे नंबर के बेटे असद की 2023 में पुलिस एनकाउंटर में मौत हो चुकी है. अब सबसे छोटे बेटे अबान की भी मौत हो गई है. यानी अतीक के पांच बेटों में अब तीन बेटे जीवित हैं—उमर अहमद, अली अहमद और अहजम. इनमें से दो बेटे जेल में बंद हैं, जबकि एक बेटा बाहर रहकर पढ़ाई कर रहा है.
अतीक और अशरफ की भी हो चुकी है हत्या
अतीक परिवार के लिए पिछले कुछ साल बेहद उथल-पुथल भरे रहे हैं. 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में वकील उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की गोली और बम मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड की जांच में अतीक अहमद, उसका भाई अशरफ, बेटा असद और परिवार से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए. उस समय अतीक गुजरात की साबरमती जेल में बंद था, जबकि अशरफ बरेली जेल में था. 15 अप्रैल 2023 को दोनों को प्रयागराज लाया गया था.
रात में कॉल्विन अस्पताल के बाहर मेडिकल जांच के दौरान तीन हमलावरों ने अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी. इस तरह अतीक और अशरफ दोनों की हत्या के बाद परिवार में सबसे बड़ी जिम्मेदारी उनके बच्चों और परिवार की महिलाओं पर आ गई, लेकिन इसके बाद परिवार के कई सदस्य अलग-अलग कानूनी मामलों में फंसते चले गए.
अतीक की पत्नी शाइस्ता अब भी फरार
अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन लंबे समय से फरार है. उमेश पाल हत्याकांड में उसकी भूमिका को लेकर पुलिस ने उसे आरोपी बनाया था. शाइस्ता को लेकर पुलिस ने प्रयागराज और आसपास के जिलों के अलावा कई राज्यों में भी तलाश की. उसके खिलाफ इनाम घोषित किया गया और अलग-अलग स्थानों पर उसकी तलाश की गई. अतीक की हत्या, अशरफ की हत्या और बेटे असद के एनकाउंटर के बाद भी शाइस्ता सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई.
क्या शाइस्ता अपने बेटे के जनाजे में शामिल होगी?
यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले असद के अंतिम संस्कार में भी शाइस्ता सामने नहीं आई थी. 14 अप्रैल 2023 को असद का अंतिम संस्कार हुआ था. उसके अगले दिन अतीक और अशरफ की हत्या हो गई. अतीक और अशरफ के अंतिम संस्कार के दौरान भी शाइस्ता और परिवार की अन्य फरार महिलाएं पुलिस की कड़ी निगरानी के बावजूद सामने नहीं आई थीं. अब अबान की मौत के बाद भी अभी तक शाइस्ता सामने नहीं आई है.