तेंदुए के आतंक से कांपा मुरादाबाद! 13 पिंजरे लगे, 20 और आएंगे; DM ने खुद संभाली कमान
मुरादाबाद में आदमखोर तेंदुए के आतंक की समस्या चिंताजनक है. महिला की मौत और किसान पर हमले के बाद दहशत का माहौल है. वहीं, अब जिलाधिकारी ने कमान संभालते हुए तेंदुओं को पकड़ने के लिए प्लान तैयार किए हैं. साथ ही बंदरों से निपटने के लिए 'मंकी टास्क फोर्स' के गठन का फैसला किया.
मुरादाबाद में तेंदुए के बढ़ते आतंक और लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. हाल ही में तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत और एक किसान पर हमले के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है. खेतों में तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में डर का माहौल है और लोग अकेले खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने वन विभाग और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं. जिले में अब तक 13 पिंजरे लगाए जा चुके हैं, जबकि 20 और पिंजरे मंगाए जा रहे हैं. वहीं, वन विभाग की टीमें भी लगातार तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं.
रामगंगा नदी के किनारे तेंदुओं की गतिविधियां बढ़ी
इसी बीच बलिया गांव में दो तेंदुओं की मौजूदगी से ग्रामीणों में भारी खौफ है, जहां रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. अभी बलिया गांव का ऑपरेशन चल ही रहा था कि महज दो किलोमीटर दूर एक अन्य गांव में भी तेंदुआ देखे जाने का दावा किया गया है. ग्रामीणों ने तेंदुए का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है.
वन विभाग और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की टीमें मौके पर मुस्तैद हैं. वहीं, अब डीएम ने खुद तेंदुआ को लेकर कमान संभाली है. उन्होंने बताया कि बिजनौर से मुरादाबाद तक रामगंगा नदी के किनारे तेंदुओं की गतिविधियां बढ़ी हैं. इसका मुख्य कारण नदी किनारे फैले गन्ने के बड़े-बड़े खेत हैं, जंगल से निकलकर तेंदुए गन्ने के घने खेतों में छिप जाते हैं.
बंदरों से निपटने के लिए ‘मंकी टास्क फोर्स’ बनेगा
डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि अब तक की सभी घटनाएं नदी के किनारे इन्हीं खेतों के आसपास हुई हैं. स्थिति पर काबू पाने के लिए वन विभाग के साथ सभी संबंधित विभागों की आपात बैठक बुलाई गई है. वर्तमान में 13 पिंजरे लगाए जा चुके हैं और क्षेत्र पंचायतों व नगर निकायों के सहयोग से 20 अतिरिक्त पिंजरे अधिग्रहित किए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि वन विभाग की विशेषज्ञ टीम तेंदुओं को सुरक्षित पकड़कर उनका पुनर्वास सुनिश्चित करेगी. इसके अलावा बैठक में जिले में बंदरों की समस्या से निपटने के लिए ‘मंकी टास्क फोर्स’ के गठन का भी निर्णय लिया गया है. इसमें आम नागरिक, एनजीओ, WWF के सदस्य और ‘पीपल फॉर एनिमल्स’ की प्रतिनिधि गौरी मौलेखी शामिल हैं.
