क्रिकेटर यश दयाल को बड़ी राहत, रेप केस की पूरी न्यायिक कार्यवाही पर लगाई रोक

भारतीय क्रिकेटर यश दयाल को गाजियाबाद में दर्ज दुष्कर्म मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है. जस्टिस संजय कुमार पचौरी की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान निचली अदालत में चल रही पूरी न्यायिक कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है. यश दयाल ने एफआईआर और उससे जुड़ी कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

भारतीय क्रिकेटर यश दयाल

भारतीय क्रिकेटर यश दयाल को गाजियाबाद में दर्ज दुष्कर्म के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है. हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए फिलहाल इस प्रकरण की संपूर्ण न्यायिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है. कोर्ट के इस आदेश के बाद निचली अदालत में इस मामले से संबंधित कोई भी आगे की कार्रवाई तब तक नहीं होगी, जब तक हाईकोर्ट में लंबित याचिका पर अंतिम निर्णय नहीं आ जाता.

मामले की सुनवाई जस्टिस संजय कुमार पचौरी की एकल पीठ ने की। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने यश दयाल को अंतरिम राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश पारित किया.

एफआईआर और न्यायिक कार्यवाही को दी थी चुनौती

यश दयाल ने अपने खिलाफ गाजियाबाद में दर्ज दुष्कर्म के मुकदमे और उससे जुड़ी पूरी न्यायिक कार्यवाही को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. याचिका में कहा गया कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और उसके आधार पर आगे बढ़ाई जा रही कार्रवाई कानून के अनुरूप नहीं है.

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एफआईआर और उसके आधार पर चल रही कार्रवाई पर न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक है. इसी आधार पर एफआईआर और उससे जुड़ी कार्यवाही को निरस्त करने की मांग की गई.

शिकायतकर्ता ने लगाए हैं गंभीर आरोप

यह मामला गाजियाबाद में दर्ज दुष्कर्म के आरोपों से जुड़ा है. शिकायतकर्ता ने यश दयाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था. दूसरी ओर, याचिकाकर्ता की ओर से इन आरोपों का विरोध करते हुए कहा गया कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा तथ्यों और कानून के अनुरूप नहीं है. इसी कारण पूरे मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई.

हाईकोर्ट ने दी अंतरिम राहत

दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए निचली अदालत में चल रही पूरी न्यायिक कार्यवाही पर रोक लगा दी. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह अंतरिम राहत है और इसका उद्देश्य मामले के सभी तथ्यों एवं कानूनी पहलुओं पर विस्तार से विचार किए जाने तक यथास्थिति बनाए रखना है. अदालत ने कहा कि अंतिम फैसला पूरी सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा.

फिलहाल ट्रायल कोर्ट में नहीं होगी कोई कार्रवाई

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब गाजियाबाद की निचली अदालत में इस मामले से जुड़ी कोई भी न्यायिक कार्रवाई फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी. यानी ट्रायल कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई, आरोपों पर आगे की प्रक्रिया या अन्य न्यायिक कार्रवाई तब तक स्थगित रहेगी, जब तक हाईकोर्ट इस याचिका पर अंतिम फैसला नहीं सुना देता.

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