अवैध कब्जों पर प्रयागराज मंडल सख्त, 58 नए भू-माफिया चिह्नित; कमिश्नर के कड़े निर्देश
प्रयागराज मंडल में भू-माफियाओं और अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई तेज कर दी गई है. मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने 58 नए भू-माफियाओं की पहचान की समीक्षा की, जिनमें प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़ और फतेहपुर के अपराधी शामिल हैं. सरकारी जमीन, तालाबों पर अतिक्रमण हटाने पर कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए.
प्रयागराज मंडल में भू-माफियाओं और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान को और तेज कर दिया गया है. मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने आईजी रेंज अजय कुमार मिश्रा के साथ समीक्षा बैठक कर भूमि विवादों के निस्तारण और भू-माफियाओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की. साथ ही बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए.
समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रयागराज मंडल में 58 नए भू-माफियाओं की पहचान की गई है. इनमें प्रयागराज जिले के 18, कौशांबी के 21, प्रतापगढ़ के 15 और फतेहपुर के 4 भू-माफिया शामिल हैं. प्रशासन अब इनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. मंडलायुक्त ने इनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित के निर्देश दिए.
गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) की भी समीक्षा
बैठक में गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत चल रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि एक अप्रैल 2025 तक मंडल में कुल 63 प्रकरण लंबित थे, जिनमें से 27 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है. वर्तमान में 40 मामले लंबित हैं, जबकि 21 मामलों को आगे की सुनवाई और कार्रवाई के लिए गैंगस्टर कोर्ट भेजा जा चुका है.
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी भूमि, नजूल भूमि, तालाबों और अन्य जल निकायों पर हुए अतिक्रमण का दोबारा सत्यापन कराया जाए. उन्होंने कहा कि केवल अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि सरकारी जमीनों के अवैध विक्रय में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई की जाए
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वास्तविक भू-माफियाओं और सामान्य अतिक्रमणकर्ताओं के बीच अंतर करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई की जाए, ताकि अतिक्रमण मुक्त कराई गई सरकारी भूमि का उपयोग जनहित और सार्वजनिक विकास कार्यों में किया जा सके.
प्रशासन का कहना है कि भू-माफियाओं और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.