बाबा को भौकाल पसंद है! बैरागी संतों को सताया जान का खतरा, माघ मेले में अब तक 90 साधुओं को मिली सुरक्षा
माघ मेले में साधुओं को जान का खतरा सता रहा है, जिसके बाद डेढ़ सौ से अधिक संतों ने पुलिस सुरक्षा की मांग की. जांच के उपरांत 90 साधुओं को गनर सहित पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई है. संतों के बीच वर्चस्व की जंग को खतरे की मुख्य वजह बताया जा रहा है. माघ मेला पुलिस बाकी आवेदनों की जांच कर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था बनाए हुए है.
माया मोह छोड़ कर सन्यासी बने साधु-संतों को भी जान का डर सता रहा है. माघ मेले में आए डेढ़ सौ से अधिक साधु संतों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है. बताया है कि मेले में उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है. माघ मेला पुलिस और प्रयागराज प्रशासन ने इस तरह के आवेदनों की जांच शुरू कर दी है. इसी क्रम में 90 साधु संतों के आवेदन की जांच के बाद उनकी सुरक्षा में गनर तैनात कर दिए गए हैं. वहीं बाकी आवेदनों की जांच के लिए एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) को जिम्मेदारी दी गई है.
मेला पुलिस के मुताबिक इस समय माघ मेले में लाखों की तादात में साधु संत पहुंचे हैं. बताया जा रहा है कि इन साधु संतों में भी वर्चस्व की जंग चल रही है. इसकी वजह से इनमें से कुछ को तो वास्तव में जान का खतरा है. वहीं कुछ इनसे जुड़े साधु संतों ने भी अपनी जान का खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की है. पुलिस के मुताबिक एलआईयू की जांच के बाद अब तक 90 साधुओं को गनर दिए गए हैं. वहीं बाकी साधुओं की आशंका की जांच कराई जा रही है.
सभी शिविरों में पहले से है कड़ी सुरक्षा
मेला पुलिस के मुताबिक माघ मेले में इस समय 65 से अधिक शिविरों को कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया है. इन शिविरों की सुरक्षा के लिए नागरिक पुलिस के अलावा होमगार्ड की तैनाती की गई है. इसके अलावा मेले में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सात अपर पुलिस अधीक्षक, 14 सीओ, 29 इंस्पेक्टर, 221 दरोगा, 15 महिला दरोगा, 1593 सिपाही, 136 महिला सिपाही, पीएसी की पांच बाढ़ राहत कंपनियां, सात कानून-व्यवस्था के लिए पीएसी कंपनियों की तैनाती है.
चप्पे चप्पे पर हो रही निगरानी
माघ मेला पुलिस के मुताबिक मेले में चप्पे चप्पे की निगरानी कराई जा रही है. वहीं किसी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए दो एनडीआरएफ टीमें, एक एसडीआरएफ, दो आरएएफ कंपनियां, संपूर्ण मेला अवधि के लिए चार आरएएफ कंपनियां, आंतरिक सुरक्षा के लिए छह बीडीडीएस टीमें, दो एटीएस चेक टीमें, 78 एलआईयू कर्मी तैनात है. इसके अलावा मेले में ट्रैफिक व्यवस्था के लिए चार इंस्पेक्टर, 38 दरोगा, 381 यातायात मुख्य आरक्षी, 1088 होमगार्ड, 304 पीआरडी कर्मियों की अलग से तैनाती की गई है.
