खराब फीडबैक पड़ा भारी! प्रयागराज में डायल-112 के 518 पुलिसकर्मियों का एक साथ तबादला

प्रयागराज में पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर डायल-112 के 518 पीआरवी पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है. पिछले छह माह की समीक्षा में खराब फीडबैक के कारण यह फैसला लिया गया. इसका उद्देश्य जवाबदेही बढ़ाना, सेवा में सुधार लाना और बेहतर पुलिस सहायता प्रदान करना है.

यूपी डायल 112 (प्रतीकात्मक तस्वीर) Image Credit:

प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में यूपी डायल-112 की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है. पुलिस कमिश्नर जोगेन्द्र कुमार के निर्देश पर डायल-112 की विभिन्न पीआरवी में तैनात 518 पुलिसकर्मियों का एक साथ तबादला कर दिया गया है. इस व्यापक फेरबदल के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.

यूपी-112 के नोडल अधिकारी एवं अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) पुष्कर वर्मा की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, तबादला किए गए पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक (एसआई), हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल और महिला कांस्टेबल शामिल हैं. इन सभी का स्थानांतरण प्रयागराज कमिश्नरेट के सिटी, गंगानगर और यमुनानगर जोन के अंतर्गत विभिन्न पीआरवी में किया गया है.

PRV का रिस्पांस टाइम अच्छा, फीडबैक खराब

दरअसल, पिछले छह महीनों के प्रदर्शन की समीक्षा में सामने आया कि प्रयागराज की पीआरवी का रिस्पांस टाइम तो प्रदेश में बेहतर रहा, लेकिन जनता से मिलने वाला फीडबैक लगातार खराब था. इसी वजह से ओवरऑल रैंकिंग प्रभावित हो रही थी. समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि 60 पीआरवी ऐसी थीं, जिनका फीडबैक सबसे खराब श्रेणी में था.

जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि कई पुलिसकर्मी पिछले पांच से छह सालों से एक ही पीआरवी और क्षेत्र में तैनात थे. इनके लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती के कारण कार्यशैली और जवाबदेही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई. इसी को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर तबादले का निर्णय लिया गया.

पीआरवी के स्टाफ को नए सिरे से तैनात किया गया

वहीं, पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर प्रयागराज में वर्तमान में संचालित 82 चार पहिया और 45 दो पहिया पीआरवी के स्टाफ को नए सिरे से तैनात किया गया है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य डायल-112 सेवा को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है, ताकि जनता को बेहतर पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके.

पुलिस अधिकारियों ने साथ ही स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ड्यूटी में लापरवाही, खराब प्रदर्शन या जनता से असंतोषजनक व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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