‘वो अपने मां-बाप का नहीं हुआ, मैं तो फिर भी दोस्त था…’ आरोपी ने बताया चौहरे हत्याकांड का खौफनाक सच

प्रयागराज के चौहरे हत्याकांड में चौंकाने वाला सच सामने आया है. आरोपी सनी गुप्ता ने बताया कि मृतक अभिषेक ने ही अपने परिवार की हत्या की साजिश रची थी. लूट के बाद बंटवारे में बेईमानी करने पर सनी ने अभिषेक को भी उसी रॉड से मार डाला. यह वारदात लूट के माल और भरोसे की बेईमानी का दुखद परिणाम है, जिसे आरोपी ने पूछताछ में कबूला है.

हत्यारोपी शनि गुप्ता

कहते हैं चोर-डकैत आपस में बेइमानी नहीं करते, लेकिन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए चौहरे हत्याकांड में यही बेइमानी हत्या का कारण बन गई. दरअसल प्रयागराज के साउथ मलाका में हुए इस भीषण वारदात के मुख्य आरोपी अभिषेक ने अपने साथी सनी गुप्ता को लूट के माल का एक छोटा हिस्सा ही देना चाहता था. इस बेइमानी से नाराज सनी ने अभिषेक की भी हत्या कर दी. यह बात उसने पुलिस की पूछताछ में कबूल की है. कहा कि अभिषेक तो अपने मां-बाप का भी नहीं हुआ, मैं तो फिर भी उसका दोस्त था.

हत्यारोपी सनी गुप्ता ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि ‘वह मुझसे भी बेइमानी करने लगा. इसलिए जिस रॉड से उसके माता-पिता और बहन की हत्या की थी, उसी से वारकर अभिषेक की भी जान ले ली.’ आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि अभिषेक ने ही इस पूरी वारदात की प्लानिंग की थी. उसके बुलावे पर ही वह लोहे की रॉड लेकर रविवार की रात उसके घर गया था. जहां दोनों मिलकर उसके मां-बाप और बहन की हत्या की. इसके बाद दोनों ने मिलकर सबूत मिटाने की कोशिश की और फिर लूट का माल लेकर दुकान में आ गए थे.

बंटवारे के दौरान हुआ झगड़ा

सनी ने बताया कि लूट के माल का बंटवारा करते समय झगड़ा हुआ था. दरअसल दोनों ने मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया, लेकिन माल के बंटवारे में अभिषेक बेइमानी करना चाह रहा था. उसकी नीयत खराब होते देख उसे भी गुस्सा आ गया और उसने उसी रॉड से अभिषेक के सिर पर वार कर दिया और लूट का सारा माल लेकर फरार हो गया. पुलिस ने आरोपी सनी गुप्ता की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल लोहे का रॉड, लूट का पूरा माल बरामद कर लिया है.

क्या है मामला?

प्रयागराज के साउथ मलाका के एक बंद घर में मंगलवार को एक ही परिवार के चार लोगों का शव मिला था. इन चारों शवों को कूचकर मारा गया था. इनकी पहचान 70 वर्षीय वीरेंद्र वैश्य, 65 वर्षीय उनकी पत्नी अनिता वैश्य, 38 वर्षीय बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक के रूप में हुई थी. पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि बेटा अभिषेक वैश्य कर्ज में डूबा था. इस आर्थिक तंगी की वजह से ही उसने अपने दोस्त शनी गुप्ता के साथ मिलकर पूरे परिवार की हत्या करने और सारी संपत्ति हड़पने की साजिश रची.

वारदात के बाद मिटाया सबूत

हत्यारोपी शनि ने पुलिस को बताया कि चारों लोगों की हत्या के बाद वह दोबारा ऊपर गया और सबूत मिटाने के लिए तेजाब से सफाई की. इसके बाद शवों पर हारपिक आदि गिरा दिया. पुलिस को गुमराह करने के लिए घर की दीवार पर लिख दिया कि बंटी-बली ने मारा है. पुलिस के मुताबिक आरोपी से पूछताछ के बाद मुकदमे में लूट की धारा जोड़ी गई है. अब पुलिस शनी गुप्ता आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है.

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