टीचर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी! अगले महीने इन पदों के लिए आ रही बड़ी वेकेंसी

उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. UPESSC अगले महीने प्रिंसिपल और असिस्टेंट प्रोफेसर के 2300 से अधिक पदों पर भर्ती विज्ञापन जारी करेगा. यह भर्तियां सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों और स्कूलों के लिए होंगी. आयोग पुरानी अटकी भर्तियों को भी जल्द पूरा करने पर जोर दे रहा है.

उत्तर प्रदेश में टीचर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है. अगले ही महीने में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) में बड़ी भर्ती आ रही है. आयोग राज्य के सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों और स्कूलों में खाली पड़े पदों को भरने की तैयारी में जुटा है. इसी क्रम में 2300 से अधिक प्रिंसिपल और असिस्टेंट प्रोफेसर की वेकेंसी आने वाली है. इसके लिए आयोग में प्रस्ताव आए हैं. इसमें प्रिंसिपल के 211 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 2,107 पदों पर भर्ती के प्रस्ताव शामिल हैं.

यह जानकारी आयोग के चेयरमैन प्रशांत कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि इन खाली पदों की सही और आखिरी संख्या तय होते ही भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा. यही नहीं, काफी समय से अटकी पुरानी भर्तियों को भी अगले दो महीने के अंदर पूरा करने की कोशिश होगी. इसके लिए आयोग ने कवायद शुरू कर दी है. उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में रिक्त पदों का विवरण लगातार मिल रहा है.

अगस्त में जारी होगा विज्ञापन

उन्होंने बताया कि किसी भी भर्ती परीक्षा के लिए लंबी प्रक्रिया होती है. इसमें आवेदन लेने, प्रश्नपत्र बनाने, उनकी छपाई करने और परीक्षा केंद्र तय करने में थोड़ा समय लगता है. इसके लिए तैयारी हो रही है. इन तैयारियों के बाद अगस्त में विज्ञापन जारी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आयोग का लक्ष्य पीजीटी (PGT), टीजीटी (TGT) और टीईटी (TET) के माध्यम से होने वाली भर्तियों को भी अगले दो महीने में पूरा करने का है.

चार महीने में कराईं तीन परीक्षाएं

आयोग का गठन साल 2023 में हुआ था. इसका उद्देश्य था कि माध्यमिक, उच्च शिक्षा और आईटीआई संस्थानों में शिक्षकों व प्राचार्यों की भर्ती निष्पक्षता से हो सके. इसी क्रम में आयोग ने बीते छह महीनों में टीजीटी, पीजीटी, असिस्टेंट प्रोफेसर और टीईटी जैसी चार परीक्षाएं कराई हैं. इनमें से तीन के रिजल्ट भी आ गए हैं. इन परीक्षाओं को नकल विहीन या पेपर लीक से बचाने के लिए AI के जरिए निगरानी की जा रही है. इसी सख्ती की वजह से टीईटी परीक्षा में 44 संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया है.

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