शेयर बाजार, सूद और जमीन… राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच में सामने आया ‘बिजनेस प्लान’
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच में नए खुलासे सामने आए हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर चोरी की रकम का निवेश शेयर बाजार, ब्याज के कारोबार और जमीन खरीद में किया. जांच एजेंसियां अब डीमैट खातों, बैंक लेनदेन और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही हैं. दावा है कि रकम को रिश्तेदारों के बैंक खातों के जरिए घुमाया गया, जिसके बाद करीब 30 खाते फ्रीज किए गए हैं.
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं. अब जांच एजेंसियों के सामने जो जानकारी आई है, उसने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर चोरी की रकम सिर्फ खर्च नहीं की, बल्कि उसे बढ़ाने के लिए शेयर बाजार, ब्याज के कारोबार और जमीन खरीद में निवेश किया. अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की परत-दर-परत जांच चल रही है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सामने आया कि चढ़ावे से कथित तौर पर निकाली गई रकम का एक हिस्सा शेयर बाजार में लगाया गया. इसके अलावा कुछ रकम ब्याज पर भी चलाई गई ताकि उससे अतिरिक्त कमाई की जा सके. जांच एजेंसियां अब इस दावे की पुष्टि के लिए डीमैट खातों, बैंक लेनदेन और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय रिकॉर्ड के मिलान के बाद ही अंतिम रिजल्ट सामने आएगा.
रिश्तेदारों के खातों से घुमाया गया पैसा
जांच का सबसे अहम पहलू कथित मनी ट्रेल है. पुलिस का दावा है कि रकम सीधे आरोपियों के खातों में रखने के बजाय पहले रिश्तेदारों और करीबी लोगों के बैंक खातों में भेजी गई. बाद में अलग-अलग समय पर यही पैसा वापस आरोपियों के खातों में ट्रांसफर किया गया. जांच एजेंसियों का मानना है कि ऐसा कथित तौर पर पैसों के स्रोत को छिपाने के उद्देश्य से किया गया. इसी जांच के दौरान अब तक करीब 30 बैंक खातों को फ्रीज किया जा चुका है.
घरों की तलाशी में मिले दस्तावेज
शुरुआती जांच में इन खातों में खाताधारकों की ज्ञात आय की तुलना में अधिक लेन-देन मिलने की बात सामने आई है. अब बैंक स्टेटमेंट, आयकर रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है. जांच के दौरान पुलिस कई आरोपियों को उनके घर लेकर पहुंची. सूत्रों के अनुसार तलाशी के दौरान नकदी, सोने के आभूषण, एक कार और जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए. एक आरोपी के घर से करीब एक एकड़ जमीन के दस्तावेज मिलने की भी जानकारी है.
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की शिकायत जून के पहले सप्ताह में सामने आई थी. इसके बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. शुरुआती जांच में कथित गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की गई और चढ़ावा गिनने से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया और अब वित्तीय लेन-देन भी जांच के केंद्र में आ गया है.
पास सिस्टम भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियां केवल पैसों की आवाजाही ही नहीं, बल्कि मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए जारी किए जाने वाले पास सिस्टम की भी जांच कर रही हैं. पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि पास जारी करने की प्रक्रिया में कहीं प्रशासनिक या तकनीकी स्तर पर कोई अनियमितता तो नहीं हुई. इसके लिए संबंधित रिकॉर्ड और डिजिटल सिस्टम की भी जांच की जा रही है.
ट्रस्ट ने बदली प्रशासनिक व्यवस्था
चढ़ावा चोरी के मामले के सामने आने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रशासनिक स्तर पर कई बदलाव शुरू किए हैं. सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट ने पास जारी करने की व्यवस्था में बदलाव किया है और कुछ डिजिटल आईडी निष्क्रिय कर नई व्यवस्था लागू की है. ट्रस्ट का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना बताया जा रहा है.
22 जुलाई की बैठक होगी अहम
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट की 22 जुलाई को होने वाली बैठक में चढ़ावा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, दर्शन प्रणाली और प्रशासनिक ढांचे में सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं. इसके अलावा ट्रस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्तियों और वित्तीय निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी चर्चा होने की संभावना है.
