18 को चांद देख 19 को सहरी, फिर शुरू होगा माह-ए-रमजान; जानें क्यों खास है ये महीना
19 फरवरी से माह-ए-रमजान 2026 का आगाज़ हो रहा है, जिसके लिए बाजारों और मस्जिदों में खास रौनक लौट आई है. यह पवित्र महीना सब्र, इबादत और भाईचारे का संदेश देता है. रोजेदार सहरी-इफ्तार के साथ नमाज़ और तरावीह अदा करेंगे. सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस-प्रशासन भी चौकस है.
रमजान का पाक महीना 19 फरवरी से शुरू होने जा रहा है. 18 फरवरी की रात चांद दिखने के बाद रोजेदार सहरी करेंगे और फिर रोजे की शुरुआत हो जाएगी. सहरी का समय सुबह लगभग 4 से 5 बजे के बीच होगा. इसके बाद पूरे दिन रोजा रखा जाएगा और शाम के समय सूरज ढलने के बाद इफ्तार होगा. इफ्तार के बाद मस्जिदों में ईशा की नमाज के बाद तरावीह की नमाज अदा की जाएगी. इसके लिए मुस्लिम समुदाय के लोग इस पाक महीने का बेसब्री से इंतजार करते हैं. लोग रोजा रखते हैं और शाम को तराबी अदा करते हैं.
रमजान को लेकर शहर में खुशी का माहौल दिखाई देने लगा है. बाजारों में सेवइयां खजूर फल और इफ्तार से जुड़ी अन्य खाने पीने की चीजों की दुकानों पर रौनक बढ़ गई है. लोगों ने घरों और मस्जिदों की साफ सफाई और सजावट का काम भी तेज कर दिया है. रमजान को इस्लाम में बेहद पाक और बरकत वाला महीना माना जाता है. जिससे रोजेदार सब्र इबादत और इंसानियत का संदेश अपनाते हैं. इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे 1 महीने का रोजा रखते हैं. इस दौरान सभी लोग पांच वक्त नमाज भी अदा करते हैं.
मस्जिदों में तैयारी हुई पूरी
रमजान को लेकर मस्जिदों में खासाफ सफाई और यहां आने वाले नमाजियों के लिए रोशनी और नमाज की व्यवस्थाएं की गई है. जिसमें नोएडा की सेक्टर 8 की जामा मस्जिद, सेक्टर 62 की नूरानी जामा मस्जिद, मदीना मस्जिद, सेक्टर 108 नोएडा मार्केट मस्जिद, दादरी में फैजे आम मदरसा, बड़े बाजार की मरकज मस्जिद, सक्को वाली मस्जिद आदि में प्रबंधन समितियों ने रोजेदारों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पीने के पानी, वजू और नमाज की व्यवस्था को बेहतर बनाने के इंतजाम किए हैं. इस दौरान सफर में रहने वाले लोगों के लिए मस्जिदों के अंदर रोजा खोलने के विशेष इंतजाम भी किए गए हैं.
रहमत और बरकत का महीना
दादरी के बड़े बाजार में स्थित जामा मरकज मस्जिद के मुफ़्ती अजीजुर्रहमान ने बताया कि रमजान रहमत और बरकत का महीना है. इस महीने में रोजेदार सुबह सहरी के बाद पूरा दिन रोज रखते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं. उन्होंने कहा कि इस महीने में अल्लाह इंसान के सब्र और इबादत और संयम का इम्तिहान लेता है. अल्लाह अपने हर उसे बंदे से राजी होता है जो रोजा रखते हैं तराबीह पढ़ते हैं और पांच वक्त नमाज पढ़ते हैं. इस महीने में घर के छोटे बच्चों में भी काफी उत्साह देखने के लिए मिलता है. घर की महिलाएं इस बरकत वाले महीने में कई तरह की पकवान तैयार करती हैं. लोग इफ्तार के समय एक दस्तरखान पर मौजूद होते हैं और एक साथ रोजा खोलते हैं.
पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
रमजान के महीने में शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन भी चौकस नजर आ रहा है. पुलिस लगातार अलग अलग क्षेत्रों में गठित पीस कमेटियों के साथ बैठकें कर रही हैं. प्रशासन की ओर से लोगों को संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि इस मुबारक महीने को आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाएं. वहीं अनहोनी की आशंका को देखते संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है.
