AIIMS को लेकर सपा के दो सांसद ही आमने-सामने, कौन बोल रहा है सच और कौन झूठ?
मुरादाबाद और रामपुर में एम्स (AIIMS) अस्पताल की स्थापना की मांग को लेकर दोनों ही जिलों के सांसद आमने-सामने आ गए हैं.सांसद रुचि वीरा ने एमपी मोहिबुल्लाह नदवी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका नाम गलत तरीके से इस्तेमाल कर रामपुर में एम्स की सहमति दिखाई गई है. बता दें कि दोनों ही सांसद समाजवादी पार्टी से आते हैं.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और रामपुर जिलों के बीच एम्स (AIIMS) अस्पताल की स्थापना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. इस विवाद की जड़ में समाजवादी पार्टी के ही दो सांसदों के बीच आपसी मतभेद और दावों का टकराव है. रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के बीच सहमति को लेकर पैदा हुई ‘रार’ अब सार्वजनिक हो चुकी है. रुचि वीरा ने सांसद मोहिबुल्लाह नदवी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है.
जहां एक ओर सांसद रुचि वीरा का आरोप है कि उनका नाम गलत तरीके से इस्तेमाल कर रामपुर में एम्स की सहमति दिखाई गई है. वहीं पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने इमाम की सत्यनिष्ठा का हवाला देते हुए बीच का रास्ता निकालने की वकालत की है. इस पूरे प्रकरण ने समाजवादी पार्टी के भीतर ‘क्रेडिट वॉर’ और क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई को हवा दे दी हैय मुरादाबाद के स्थानीय नेता व पूर्व मंत्री हाजी इकराम कुरैशी ने भी इस बहस में कूद गए हैं.
नदवी के बयान को रुचि वीरा ने सिरे से खारिज किया
सांसद रुचि वीरा ने रामपुर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कड़ा रुख अपनाया है. मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा ने कहा कि वे पिछले डेढ़ साल से निरंतर मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र के लिए एम्स की मांग कर रही हैं और इसके लिए पूरी तरह प्रयासरत हैं. रुचि वीरा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अखबारों और अन्य माध्यमों से उन्हें पता चला कि रामपुर सांसद ने उनका नाम लेकर यह दावा किया है कि वे रामपुर में एम्स बनाने के लिए सहमत हैं.
रुचि वीरा ने दो टूक शब्दों में कहा, ‘यह बयान पूरी तरह गलत है, हमारी इस विषय पर कोई वार्ता नहीं हुई थी, हर सांसद को अपनी कांस्टीट्यूएंसी के लिए मांग करने का हक है, लेकिन मेरी कोई सहमति या ‘कंसेंट’ नहीं ली गई.’ रुचि वीरा ने साफ़ किया कि वे मुरादाबाद के हितों से समझौता नहीं करेंगी.
एसटी हसन बोले- इमाम झूठ नहीं बोलते हैं
इस मामले में मुरादाबाद के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने कहा कि मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में 800 एकड़ जमीन पिछले 45 वर्षों से एम्स के लिए अधिग्रहित पड़ी है, जिसके लिए उन्होंने संसद में भी आवाज उठाई थी. प्रधानमंत्री मोदी और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात का जिक्र करते हुए एसटी हसन ने कहा कि केंद्र सरकार तैयार थी, लेकिन राज्य सरकार से रिस्पांस नहीं मिला है.
रुचि वीरा और रामपुर सांसद के बीच जारी विवाद पर कहा, ‘रामपुर के सांसद इमाम हैं और इमाम झूठ नहीं बोलते है, पार्टी के लोगों को आपस में बैठकर मामला सुलझाना चाहिए, इस तरह सड़क पर पार्टी की फजीहत नहीं करानी चाहिए.’ एसटी हसन ने सलाह दी कि किसी भी सांसद को अड़ियल रुख नहीं अपनाना चाहिए और ठाकुरद्वारा की उपलब्ध जमीन का उपयोग करना ही सबसे बेहतर समाधान है.
सपा के पूर्व मंत्री ने भी AIMS को लेकर दिया बयान
पूर्व मंत्री हाजी इकराम कुरैशी ने कहा हमारी पुरज़ोर मांग की कि मुरादाबाद में ही मेडिकल कॉलेज होना चाहिए, मुरादाबाद का कारीगर दिन-रात धुआं और धूल खाता है, भट्टी की गर्मी में अपना खून-पसीना बहाकर बर्तन ढालता है, ऐसे में यहां के लोगों को सबसे ज्यादा स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल कॉलेज की जरूरत है.