बारूद बना काल! एक और पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट से दहला सहारनपुर, 2 मजदूरों की मौत; 2 लापता

सहारनपुर के गंगोह में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका हुआ, जिसमें दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई और दो लापता हैं. फैक्ट्री में भारी मात्रा में बारूद होने के कारण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया. जिले में ऐसे हादसे पहले भी हुए हैं, जिससे सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं.

गंगोह पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: सहारनपुर में 2 की मौत Image Credit:

सहारनपुर जिले में पटाखा फैक्ट्रियों में होने वाले हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार की शाम गंगोह थाना क्षेत्र के कुंडा बसी गांव स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया. शाम करीब पांच बजे हुए इस धमाके में दो मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य के लापता होने की सूचना है.

करीब 10 बीघा क्षेत्र में फैली राणा फायरवर्क्स पटाखा फैक्ट्री में कुल 24 मजदूर काम करते हैं. हादसे के वक्त फैक्ट्री के उस हिस्से में काम चल रहा था, जहां भारी मात्रा में बारूद रखा हुआ था. अचानक हुए तेज धमाके के बाद पूरा इलाका धुएं और धूल के गुबार से भर गया. विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी, आसपास के घरों की दीवारें तक हिल गईं.

फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका होते ही फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया. सूचना मिलने पर पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए.

लोगों के मुताबिक, हादसे का मंजर बेहद भयावह था. विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मृत दोनों मजदूरों के शवों के चीथड़े उड़ गए और काफी दूर जाकर गिरे. फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया. मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि जिसने भी यह दृश्य देखा वह सन्न रह गया. प्रशासन और राहत दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं.

फैक्ट्री में होता है सुतली पटाखों का निर्माण

अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, कुंडा बसी गांव स्थित राणा फायरवर्क्स पटाखा फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस मौजूद है और यहां सुतली पटाखों का निर्माण किया जाता है. फिलहाल दो मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है. बाकी मजदूर सुरक्षित बताए जा रहे हैं. DM और SSP खुद मौके पर पहुंचे हुए हैं.

हादसे की जांच के लिए फोरेंसिक टीम की फील्ड यूनिट भी मौके पर पहुंच गई है. टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर विस्फोट के कारणों की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं. जांच जारी है, अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

पटाखा फैक्ट्रियों में हादसों का पुराना रहा इतिहास

सहारनपुर में पटाखा फैक्ट्रियों में हुए हादसों का इतिहास पुराना रहा है. देवबंद क्षेत्र में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में तीन लोगों की जान चली गई थी. इससे पहले बिहारीगढ़ और गागलहेड़ी क्षेत्र में भी हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें कई जान गई, कई लोग घायल हुए थे. ऐसे ही हर बार हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे.

हादसे को लेकर जांच बैठती है और कार्रवाई के निर्देश दिए जाते है, लेकिन समय बीतने के साथ मामले ठंडे बस्ते में चल जाते हैं. गंगोह का ताजा हादसा एक बार फिर कई सवाल छोड़ गया है. आखिर बारूद जैसी अत्यंत संवेदनशील इकाइयों में सुरक्षा के मानकों का कितना पालन किया जाता है? नियमित निरीक्षण होते हैं? होते हैं, तो ऐसे हादसे बार-बार क्यों हो रहे हैं?

Follow Us