दामाद हुए सपाई तो इमरान की आंखों में छलका बेटी का दर्द… बिगड़ गए मसूद परिवार के रिश्ते!
सहारनपुर के मसूद परिवार में सियासी मतभेद अब पारिवारिक विवाद तक पहुंचता दिख रहा है. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद शायान मसूद ने 20 अगस्त को कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था. शायान ने कहा कि वह इमरान की राजनीतिक लाइन से सहमत नहीं हैं और बीजेपी को हराने के लिए अखिलेश यादव के साथ खड़ा होना जरूरी है. इसके बाद इमरान के भतीजे हमजा मसूद ने शायान और उनके पिता पर गंभीर पारिवारिक आरोप लगाए. शायान ने निजी मामलों को सार्वजनिक न करने की बात कही. वहीं इमरान मसूद बेटी का जिक्र करते हुए भावुक नजर आए.
सियासत में रिश्ते बनते और बिगड़ते आपने खूब देखे होंगे, लेकिन जब सियासत की लड़ाई घर की चौखट तक पहुंच जाए तो दर्द और गहरा हो जाता है. सहारनपुर के मसूद परिवार में इन दिनों कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद शायान मसूद ने अखिलेश यादव का हाथ थाम लिया. इसके बाद सियासी दूरी बढ़ी तो परिवार के भीतर के आरोप भी सार्वजनिक होने लगे. भतीजे हमजा मसूद ने गंभीर आरोप लगाए. शायान ने जवाब दिया और अब बेटी का जिक्र करते हुए इमरान मसूद भावुक हो गए.
20 अगस्त को शायान मसूद कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल होते हैं. शायान साफ कहते हैं कि वह अपने ससुर इमरान मसूद की राजनीतिक लाइन से सहमत नहीं हैं. उनका कहना है कि बीजेपी को हराने के लिए अखिलेश यादव के साथ खड़ा होना जरूरी है. यहीं से शुरू होती है एक नई राजनीतिक कहानी… लेकिन कुछ ही वक्त बाद ये कहानी राजनीति से निकलकर परिवार की चौखट तक पहुंच जाती है. शायान के सपा में जाने के बाद उनके ससुर इमरान मसूद की राजनीतिक लाइन पर सवाल उठे और फिर परिवार के भीतर से आवाज आई.
भतीजे ने शायान पर लगाए आरोप
इमरान मसूद के भतीजे हमजा मसूद सोशल मीडिया पर लाइव आए. हमजा ने शायान मसूद और उनके पिता शादान मसूद पर गंभीर आरोप लगाए. हमजा का दावा था कि उनकी बहन के साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई और उसे बच्चे के साथ घर से निकाल दिया गया. हमजा ने कहा कि परिवार ने रिश्तेदारी और सम्मान की वजह से करीब पांच साल तक कई बातें सहन कीं… लेकिन अब चुप रहना मुश्किल हो गया है.
शायान ने दिया जवाब
इन आरोपों के बाद शायान मसूद भी सामने आए. उन्होंने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अगर राजनीतिक लड़ाई लड़नी है तो मैदान में आकर लड़ें. उन्होंने कहा, ‘परिवार की निजी बातों को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए.’ शायान ने ये भी कहा कि उनके पास भी बहुत कुछ कहने के लिए है, लेकिन वह परिवार की निजी बातें सार्वजनिक नहीं करना चाहते. यानी एक तरफ सियासी मतभेद और दूसरी तरफ परिवार के भीतर बढ़ती तल्खी.
इमरान मसूद हुए भावुक
लेकिन इस पूरे विवाद का सबसे भावुक अध्याय तब सामने आया, जब इमरान मसूद ने अपनी बेटी का जिक्र किया. मीडिया इंटरव्यू में बेटी की तकलीफ की बात करते हुए इमरान भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि जिसके परिवार में उसकी बेटी सामने बैठी हो… उसके दर्द और तकलीफ को वही समझ सकता है. इमरान मसूद ने कहा, ‘सपा में जाना कोई गुनाह नहीं है… लेकिन अगर कोई गुनाह है तो उनकी बच्ची को छोड़ देना है.’
2014 में भी मसूद परिवार के रिश्ते बिगड़े
मसूद परिवार में ये पहली बार नहीं है, जब सियासत रिश्तों पर भारी पड़ी हो. मसूद परिवार की राजनीतिक कहानी में पुरानी अदावत और फिर रिश्तों के सुधरने का दौर भी रहा है. शादान मसूद ने 2014 में इमरान मसूद के खिलाफ समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था. उस वक्त दोनों परिवारों के बीच लंबे समय तक अनबन की बात सामने आई थी. बोलचाल तक बंद होने के दावे किए गए, लेकिन वक्त बदला… सियासी समीकरण बदले और परिवार फिर करीब आया.
पांच साल पहले हुई थी शायान की शादी
रिश्ते सुधरे तो शायान मसूद और इमरान मसूद की बेटी का रिश्ता तय हुआ. करीब पांच साल पहले दोनों की शादी हुई. यानी जिस परिवार में कभी सियासी लड़ाई की वजह से दूरी आई थी… उसी परिवार में बाद में रिश्तेदारी जुड़ गई. अब एक बार फिर सियासत ने रिश्तों को उसी मोड़ पर ला खड़ा किया है. शायान ने कांग्रेस छोड़ी…अखिलेश यादव का साथ पकड़ा… इमरान मसूद की राजनीतिक लाइन पर सवाल उठाए…और परिवार के भीतर से गंभीर आरोप सामने आ गए.
हमजा मसूद का दावा
इमरान ने 2022 के दौर का जिक्र करते हुए ये भी संकेत दिया कि उस वक्त परिवार और बच्चों को बचाने के लिए उन्हें कुछ राजनीतिक फैसले लेने पड़े थे. दूसरी तरफ हमजा मसूद ने दावा किया कि उन्हें भी इमरान मसूद के घर से निकलवा दिया गया था और करीब तीन साल तक इमरान से अलग रखा गया. इन दावों से इतना तो साफ है कि परिवार के भीतर की खटास सिर्फ आज की सियासत से पैदा नहीं हुई है.
मसूद परिवार की विरासत
अब जरा मसूद परिवार की सियासी विरासत भी समझिए. राशिद मसूद और रशीद मसूद सगे भाई थे. रशीद मसूद लंबे समय तक पश्चिमी यूपी की राजनीति का बड़ा नाम रहे और कई बार लोकसभा पहुंचे. परिवार की अगली पीढ़ी में भी राजनीति का असर दिखाई दिया. राशिद मसूद के पांच बेटों में इमरान मसूद और नोमान मसूद जुड़वा भाई हैं. नोमान मसूद के बेटे हैं हमजा मसूद. वहीं रशीद मसूद के बेटे शादान मसूद हैं…और शादान के बेटे हैं शायान मसूद.
पांच में से दो बेटियों की शादी
इमरान मसूद की पांच बेटियां हैं. इनमें से दो की शादी हो चुकी है. एक बेटी की शादी करीब पांच साल पहले शायान मसूद से हुई थी. इसलिए आज जब शायान राजनीतिक तौर पर इमरान मसूद से अलग खड़े हैं तो मामला सिर्फ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीति का नहीं रह गया है. सवाल एक बेटी के घर का भी है… एक पिता की चिंता का भी है.. और उन रिश्तों का भी है, जिन्हें कभी सियासत से ऊपर माना गया था.
