सहारनपुर में इनामी बदमाश लल्लन सिंह एनकाउंटर की होगी मजिस्ट्रियल जांच, प्रशासन ने मांगे साक्ष्य

सहारनपुर में यूपी STF और इनामी बदमाश लल्लन सिंह के बीच हुई मुठभेड़ की अब मजिस्ट्रियल जांच की जाएगी. 22 जून को सरसावा में हुई इस घटना में लल्लन सिंह गोली लगने से घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई. प्रशासन ने सार्वजनिक सूचना जारी कर लोगों से साक्ष्य मांगे हैं.

सहारनपुर में लल्लन सिंह एनकाउंटर की होगी मजिस्ट्रियल जांच Image Credit:

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश लल्लन सिंह उर्फ ललन के बीच 22 जून को हुई मुठभेड़ की अब मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी. जिला प्रशासन ने इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए घटना से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों, स्थानीय नागरिकों और अन्य व्यक्तियों से आगे आकर अपने साक्ष्य प्रस्तुत करने की अपील की है.

सहारनपुर के अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) के निर्देश पर यह जांच शुरू की गई है. बताया गया है कि एसटीएफ को गोपनीय सूचना मिली थी कि वाराणसी कमिश्नरेट से 1.25 लाख रुपये का इनामी और कई संगीन मामलों में वांछित कुख्यात अपराधी लल्लन सिंह अपने एक साथी के साथ सहारनपुर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है.

सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम पहुंची और 22 जून की तड़के करीब 3:30 बजे सरसावा-नकुड़ रोड पर चेकिंग अभियान शुरू किया. इस दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने बाइक की रफ्तार बढ़ाकर भागने की कोशिश की. एसटीएफ टीम ने पीछा किया तो दोनों आरोपी कच्चे रास्ते की ओर मुड़ गए.

इसी दौरान उबड़-खाबड़ रास्ते पर उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई. आरोप है कि खुद को घिरता देख बदमाशों ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. अधिकारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगने से उनकी जान बच गई. इसके बाद एसटीएफ ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें लल्लन सिंह गोली लगने से घायल हो गया.

हालांकि, इस दौरान उसका साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया. घायल बदमाश को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मृतक की पहचान लल्लन सिंह उर्फ ललन पुत्र शिवशंकर सिंह, निवासी जिला समस्तीपुर (बिहार) के रूप में हुई.

लल्लन सिंह वाराणसी कमिश्नरेट से 1.25 लाख रुपये का इनामी घोषित था और यूपी बिहार के कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित चल रहा था. घटना के संबंध में थाना सरसावा में मुकदमा दर्ज किया गया है. उच्चतम न्यायालय, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तथा पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी निर्देशों के तहत हर मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाती है.

इसी क्रम में जिला प्रशासन ने इस मुठभेड़ की भी जांच के आदेश दिए हैं. उप जिला मजिस्ट्रेट, नकुड़ ने सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस घटना से संबंधित कोई प्रत्यक्ष जानकारी, लिखित बयान, फोटो, वीडियो अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध हो तो वह 30 जून 2026 तक अपना पक्ष या साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है.

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