संभल में मस्जिद से मिले ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर, मुतवल्ली समेत 8 लोगों पर FIR दर्ज

संभल में कब्रिस्तान की ज़मीन पर बनी अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण के दौरान 'आई लव मोहम्मद' लिखे पोस्टर और पाकिस्तान के झंडे से मिलता-जुलता हरा झंडा बरामद हुआ, जिसके बाद 8 लोगों पर मामला दर्ज किया गया. सपा सांसद बर्क ने इसे अवैध कार्रवाई बताया और अदालत जाने की बात कही.

'आई लव मोहम्मद' पोस्टर मिलने पर 8 पर FIR

संभल में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी एक अवैध मस्जिद पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई. इस के दौरान ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे 49 पोस्टर और पाकिस्तान के झंडे से मिलता-जुलता हरा झंडा बरामद हुआ. अब इस मामले में मुतवल्ली समेत कुल 8 लोगों पर FIR दर्ज किया गया है. वहीं, सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क ने इसे अवैध कार्रवाई बताया.

समाजवादी पार्टी (सपा) के स्थानीय सांसद जियाउर रहमान बर्क ने संवाददाताओं से कहा, ‘कसेरऊ मस्जिद में ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर और एक हरा झंडा मिला है. मेरे पास भी ऐसे पोस्टर हैं और मैं भी हरा झंडा रख सकता हूं. इस पर मेरे खिलाफ किस तरह का मामला दर्ज किया जाएगा?’ उन्होंने कहा कि वह इसके खिलाफ अदालत का रुख करेंगे.

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण की गई

पुलिस के अनुसार, यह मस्जिद कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध निर्माण के रूप में चिन्हित किए जाने के बाद ध्वस्त की गई थी. जिला प्रशासन ने कहा कि ध्वस्तीकरण राजस्व न्यायालयों के निष्कासन आदेशों के बाद किया गया. मस्जिद लगभग 1,200 वर्ग मीटर कब्रिस्तान भूमि पर बनी थी. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई.

वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तर) कुलदीप सिंह ने बताया कि अवैध मस्जिद को हटाने की कार्रवाई के दौरान परिसर से ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर और पाकिस्तान जैसा हरा झंडा मिला. इसपर पुलिस ने मुतवल्ली जाकिर सहित आठ लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 353(2) (सार्वजनिक शांति भंग करने वाले बयान) के तहत मामला दर्ज किया है.

आई लव मोहम्मद कहने पर कौन-सी धारा लागू होती है?

वहीं, सांसद बर्क ने दावा किया कि मस्जिद करीब 150 वर्ष पुरानी है और इसे 1995 में उत्तर प्रदेश गजट में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया था, जिसका क्रमांक 1951 है. आठ लोगों के खिलाफ दर्ज मामले पर नाराजगी जताते हुए सांसद ने सवाल किया कि हरा झंडा रखने या ‘आई लव मोहम्मद’ कहने पर कौन-सी कानूनी धारा लागू होती है?

उन्होंने कहा, ‘अगर मैं अपने धर्म के दायरे में रहकर अपने अल्लाह और पैगंबर से प्रेम करता हूं तो कौन-सी धारा लागू होती है? किस आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा? पुलिस प्रशासन का काम समाज में भय नहीं, बल्कि सुरक्षा और विश्वास कायम करना है.’ वहीं, ASP का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद और पुलिस बल की तैनाती में कार्रवाई की गई.

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