हाथ में गंगाजल-कुरान लेकर पार्षदों के कमाई बांटने वाले वीडियो की सच्चाई क्या?

शाहजहांपुर नगर निगम का एक कथित वायरल वीडियो सामने आने के बाद सियासत गरमा गई है. वीडियो में हिंदू-मुस्लिम पार्षद हाथ में जल लेकर कुरान और मां की कसम खाते नजर आ रहे हैं. कथित तौर पर पार्षद नगर निगम की आमदनी को 60 पार्षदों में बराबर बांटने और किसी सदस्य पर कार्रवाई होने पर एकजुट रहने की बात कह रहे हैं. एक पार्षद के मुताबिक, वीडियो करीब डेढ़ साल पुराना है और एक निजी कार्यक्रम में बनाया गया था.

पार्षदों का वीडियो वायरल हुआ था

शाहजहांपुर नगर निगम से सामने आए एक कथित वायरल वीडियो ने नगर निगम की सियासत और अंदरूनी माहौल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. वायरल वीडियो में हिंदू-मुस्लिम पार्षद हाथ में जल लेकर, कुरान और मां की कसम खाते नजर आ रहे हैं. वीडियो में कथित तौर पर नगर निगम की आमदनी और उसके बंटवारे से जुड़ी बातें भी सुनाई दे रही हैं. सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर 60 पार्षदों वाले नगर निगम में ऐसी स्थिति क्यों बनी?

बताया जा रहा है कि करीब एक साल हले नगर निगम बोर्ड की बैठक के बाद 30 से 40 पार्षदों का एक गुट किसी जगह पर इकट्ठा हुआ था. वायरल वीडियो में मेज पर रखे जल को गंगाजल कहते हुए पार्षद अपने हाथ में लेते हैं. इसके बाद एक पार्षद शपथ बोलता है जिसे अन्य दोहराते हैं. पार्षद कहते हैं कि हम कसम खाकर कहते हैं कि जो भी निगम की आमदनी होगी, वो सभी 60 पार्षदों में बराबर से बंटेगी, हमारे ग्रुप के किसी पर भी आंच आती है तो सब इकट्ठे होंगे.

क्या है मामला

ख्वाजा फिरोज वार्ड के पार्षद धीरेंद्र सिंह चौहान उर्फ डीएस ने बताया कि यह वायरल वीडियो लगभग डेढ़ वर्ष पुराना है,पार्षद अनूप गुप्ता के जन्म दिवस पर द फूड स्टोरी होटल में आयोजित पार्टी के दौरान यह वीडियो बनाया गया था. वीडियो शूट करने से पहले आई स्मार्ट कंपनी के विरोध में 40 पार्षदों ने एक पत्र नगर आयुक्त को लिखा था, फिर 42 पार्षदों ने इस ही स्मार्ट कंपनी के फेवर में एक पत्र नगर निगम को सौंपा था. इसके विरोध में यह वीडियो बनाया गया था.

वीडियो में क्या है?

गौरतलब है कि शाहजहांपुर नगर निगम में अभी बीजेपी के 41 पार्षद हैं, जबकि बाकी अन्य दलों के हैं. इस वीडियो में अधिकतर बीजेपी के ही पार्षद हैं. इस वीडियो को लेकर पार्षदों ने चुप्पी साध ली है. वहीं, कुछ पार्षदों ने अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट में अलग-अलग दावे किए हैं. फिलहाल वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन से लेकर राजनीतिक गलियारों तक खलबली मच गई है. हालांकि, टीवी9 भारतवर्ष इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.

नगर आयुक्त ने जांच के आदेश दिए

इस मामले में नगर आयुक्त सौम्या गुरु रानी ने संज्ञान लिया है. उन्होंने टीम गठित कर पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं. अब जांच में ही साफ होगा कि वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है और आखिर नगर निगम के भीतर किस विवाद को लेकर यह पूरा मामला सामने आया?

Follow Us