डेढ़ घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रहे बीजेपी MLC, ठगों ने ATS अधिकारी बनकर किया था कॉल
सुल्तानपुर-अमेठी से विधान परिषद के सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह के साथ फ्रॉड होते-होते रह गया. एक साइबर ठग ने उन्हें कॉल कर खुद को एटीएस अधिकारी बताया. उनसे उनके खातों और आधार की डिटेल ली. तकरीबन डेढ़ घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा. हालांकि, इस बीच शैलेंद्र सिंह को समय रहते यह अंदेशा हो गया कि उनके साथ फ्रॉड करने की कोशिश हो रही है.
यूपी के सुल्तानपुर में भाजपा के एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ही डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो गए. हालांकि, समय रहते उन्हें इस बात का अंदेशा हो गया कि मामला फ्रॉड का है. लिहाजा उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना देकर एफआईआर दर्ज करा दिया. फिलहाल, पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई है.
डेढ़ घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रहे शैलेंद्र प्रताप सिंह
शैलेन्द्र प्रताप सिंह सुल्तानपुर-अमेठी से विधान परिषद के सदस्य हैं. बीते 2 मार्च को दोपहर करीब 12 बजकर 22 मिनट पर उनके मोबाइल पर कॉल आया. फोन करने वाले ने अपने आप को एटीएस मुंबई का अधिकारी बताया. एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह से खातों की जानकारी मांगी. उनसे उनके आधार का डिटेल भी ले लिया. डिजिटल अरेस्ट कर लिया. तकरीबन डेढ़ घंटे तक उसने एमएलसी शैलेंद्र प्रताप को अपने बातों के जाल में फंसाये रखा.
अगर समय रहते नहीं होता अंदेशा तो हो सकता था बड़ा फ्रॉड
हालांकि, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप समय रहते समझ आ गया कि कोई उनके साथ फ्रॉड करना चाहता है. पहले भी उन्होंने ऐसे फोन और फ्रॉड कॉल के बारे में सुन रखा था. इससे पहले उनका खाता खाली हो. उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों को दी और साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी. समय रहते शैलेंद्र प्रताप सिंह को फ्रॉड का अंदेशा हो गया, वर्ना उनके साथ कोई बड़ा फ्रॉड हो सकता था.
पुलिस जांच-पड़ताल में लगी
एमएलसी शैलेंद्र प्रताप ने बताया कि उनके लोगों ने फ्रॉड करने की कोशिश कर रहे व्यक्ति के व्हाट्सएप नंबर पर कॉल किया. वह नंबर सतना की रहने वाली कोई महिला उठा रही थी. फिर उन्हें पूरा यकीन हो गया कि कोई साइबर फ्रॉड करना चाहता था. शैलेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर मिलते ही तत्काल साइबर थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. मोबाइल नंबर की छानबीन करने के साथ साथ मामले की पड़ताल में जुट गई है.
