UP SIR: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के क्षेत्र में वोटर घटे, आईटी मंत्री की सीट पर सबसे ज्यादा नाम कटे
उत्तर प्रदेश में SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है. प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ रह गई है. 2.04 करोड़ नाम काटे गए, जबकि 84 लाख नए जोड़े गए हैं. प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सबसे ज्यादा वोटर्स कम हुए हैं. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की सीट पर जबसे ज्यादा प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं.
उत्तर प्रदेश में मुख्य निर्वाचन आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की है. इसमें प्रदेश के कुल मतदाताओं की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ रह गई है. 2.04 करोड़ नाम काटे गए, जबकि 84 लाख नए जोड़े गए हैं. प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सबसे वोटर्स कम हुए, इसके बाद प्रयागराज और आगरा का स्थान है.
SIR से पहले अक्टूबर 2025 में यूपी में कुल 15.44 करोड़ मतदाता थे। पहली ड्राफ्ट लिस्ट आने के बाद यह संख्या घटकर 12.55 करोड़ रह गई थी, जिसमें 2.89 करोड़ नाम काटे गए थे। बाद में उन कटे नामों में से 84 लाख को वापस सूची में शामिल कर लिया गया. वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोटरों के नाम कटे हैं.
ब्रजेश पाठक की सीट पर 34.18% मतदाता कम हो गए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा 9.14 लाख (22.89%) मतदाता लखनऊ में कम हुए हैं. इसके बाद प्रयागराज में 8.26 लाख, आगरा में 6.37 लाख, कानपुर नगर में 5.87 लाख, गाजियाबाद में 5.74 लाख और मेरठ में 5.61 लाख मतदाताओं की संख्या घट गई है.
वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की कैंट विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 34.18 प्रतिशत मतदाता कम हो गए. कैंट सीट पर कुल वोटर की संख्या 3 लाख 67 हजार 535 थे. एसआईआर के बाद 1 लाख 24 हजार 962 वोट कट गए, जिसके बाद अब वोटर्स की संख्या 2 लाख 42 हजार 573 रह गई है. वहीं, संख्या के आधार पर सबसे ज्यादा नाम साहिबाबाद सीट पर कटे.
IT मंत्री की सीट पर सबसे ज्यादा 3.16 लाख वोटर कटे
आईटी मंत्री सुनील शर्मा की साहिबाबाद विधानसभा सीट पर 3,16,484 मतदाता कम हुए. गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में सुनील शर्मा ने अपनी सीट पर सबसे अधिक मतों से जीत हासिल की थी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी की माने तो विशेष अभियान (SIR) के तहत मतदाता सूची को शुद्ध करने के तहत यह प्रक्रिया पूरी की गई है.
हालांकि, समाजवादी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर लॉजिकल एरर, नो-मैपिंग, डुप्लीकेट और मृतक मतदाताओं के नाम काटने पर 15 दिन की अपील प्रक्रिया के लिए तुरंत SOP जारी करने की मांग की. SIR की इस फाइनल लिस्ट के बाद अब सभी राजनैतिक दल मतदाता सूची का बारीकी से अध्ययन करेंगे.
