खूब तपेगा नौतपा! मौसम विभाग का अलर्ट, क्या हैं धार्मिक मान्यताएं?
उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, बुंदेलखंड में पारा 48°C पार है. IMD ने अगले सात दिनों तक लू और 45°C से अधिक तापमान का अलर्ट जारी किया है. ज्योतिष वैज्ञानिकों के मुताबिक इस साल 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है, जिसमें गर्मी और बढ़ेगी. हालांकि, मान्यता है कि नौतपा जितना तपेगा, उतनी ही अच्छी बारिश होगी, जो खेती के लिए फायदेमंद होगी.
उत्तर प्रदेश में खूब गर्मी पड़ रही है. बुंदेलखंड में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है. वहीं आसपास के जिलों में भी तापमान 45 डिग्री से ऊपर है. नोएडा-गाजियाबाद से लेकर बलिया-बनारस तक लोग झुलसाने वाली गर्मी से परेशान हो गए हैं. ऐसे में एक सवाल खूब पूछा जा रहा है कि कब राहत मिलेगी. यह स्थिति उस समय है जब नौतपा भी अभी तक शुरू नहीं हुआ है. माना जा रहा है कि नौतपा में गर्मी का प्रभाव और ज्यादा होगा. हालांकि एक राहत की बात भी है, वह यह कि नौतपा जितना तपेगा, उतनी ही बरसात होगी और खेती किसानी के लिए उतना ही फायदा होगा.
नौतपा की बात करने से पहले आईएमडी का एलर्ट जान लेते हैं. आईएमडी ने उत्तर प्रदेश में अगले सात दिनों तक भीषण गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने लोगों को सावधान करते हुए आशंका जताई है कि इन एक हफ्ते में तापमान लगातार 45 डिग्री के ऊपर बना रह सकता है. न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने के आसार हैं. एक हफ्ते बाद भी कोई राहत मिलने के स्पष्ट संकेत नहीं हैं.
क्या है नौतपा?
ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक भगवान सूर्य नारायण के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ नौतपा शुरू होता है. चूंकि रोहिणी नक्षत्र पृथ्वी के सबसे करीब है, ऐसे में सूर्य की दूरी भी पृथ्वी से बहुत कम रह जाती है. ऐसी स्थिति में सूर्य के प्रचंड तेज से पृथ्वी झुलसने लगती है. इसी तेज की वजह से हवाएं भी गर्म रहती हैं. इसके चलते गर्मी ज्यादा पड़ती है. आमतौर पर यह स्थिति नौ दिनों तक रहती है. इसलिए इसे नौतपा कहा जाता है.
25 से शुरू होगा नौतपा
ज्योतिष वैज्ञानिकों के मुताबिक इस साल सूर्यदेव 25 मई को रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं. वह दो जून तक वह पृथ्वी के बेहद करीब रहेंगे. इसके बाद धीरे-धीरे मार्गशीर्ष नक्षत्र की ओर बढ़ते हुए वह पृथ्वी से दूर होते जाएंगे. इससे धरती पर मानसून के लिए अनुकूल माहौल बनेगा. इन्हीं परिस्थितियों में हल्की फुल्की बारिश का दौर भी शुरू हो जाएगा. वहीं 15 दिनों तक रोहिणी नक्षत्र में रहने के बाद सूर्यदेव पूरी तरह रोहिणी की परिधि से बाहर निकलकर मार्गशीर्ष की परिधि में आएंगे तो मौसम में बदलाव होगा और फिर मार्गशीर्ष से निकलकर आद्रा नक्षण में प्रवेश के साथ मानसून की शुरूआत हो जाएगी.
क्या हैं धार्मिक मान्यताएं?
इस बार गर्मी खूब पड़ रही है. मौसम विभाग के दावे को माने तो नौतपा भी इस बार खूब तपेगा. ऐसे में नौतपा से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं को भी जान लेना जरूरी है. मान्यता है कि नौतपा जितना तपेगा, बरसात भी उतनी ही होगी. एक मारवाड़ी कहावत है कि “दोए मूसा, दोए कातरा, दोए तिड्डी, दोए ताव। दोयां रा बादी जल हरै, दोए बिसर, दोए बाव।।” अर्थात, पहले दो दिन हवा (लू) न चले तो चूहे अधिक होंगे.
दूसरे दो दिन हवा न चले तो कातरे (फसलों को नष्ट करने वाले कीट) बहुत होंगे. तीसरे दो दिन हवा न चले तो टिड्डी दल आने की आशंका रहती है. चौथे दो दिन हवा न चले, तो बुखार आदि रोगों का प्रकोप रहता है. इसी प्रकार एक और कहावत है कि “नौतपा नव दिन जोए तो पुन बरखा पूरन होए” भी काफी प्रचलित है. इसका अर्थ है कि अगर नौतपा (सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश) के दौरान 9 दिन तक तेज गर्मी रहे, तो अच्छी बारिश होती है.
