कांवड़ यात्रा को लेकर मुजफ्फरनगर से गाजियाबाद तक ट्रैफिक डायवर्जन, कई रास्तों पर पाबंदी

कांवड़ यात्रा को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है. मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और बरेली के कई रास्तों पर आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी, वाहनों को दूसरे रास्तों पर भेजा जाएगा. इसका असर दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून और सहारनपुर के बीच आने-जाने वाले लोगों पर पड़ सकता है.

कांवड़ यात्रा को लेकर पश्चिमी यूपी में ट्रैफिक डायवर्जन (फाइल फोटो) Image Credit: PTI

कांवड़ यात्रा को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त तैयारियां की गई हैं. कांवड़ियों की सुगम और सुरक्षित आवाजाही के लिए मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और बरेली में अलग-अलग चरणों में रूट डायवर्जन लागू किए जाएंगे. मुजफ्फरनगर में 30 जुलाई से मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी.

मुजफ्फरनगर SSP संजय कुमार ने बताया कि 30 जुलाई से मुख्य रास्तों पर भारी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक रहेगी. जबकि चार अगस्त से जिले में दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग और गंग नहर मार्ग पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी. इसका असर दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून और सहारनपुर के बीच आने-जाने वाले लोगों पर पड़ सकता है.

हरिद्वार-सहारनपुर से दिल्ली जाने वाले ये रास्ता चुने

SSP संजय कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘यात्रा के दौरान कांवड़ियों की आवाजाही सुचारू रूप से हो, इसके लिए वाहनों को दूसरे रास्तों पर भेजा जाएगा.’ उन्होंने बताया कि हरिद्वार-सहारनपुर से दिल्ली जाने वाले वाहनों को देवबंद, पचेंडा, मीरापुर और मेरठ के मवाना से होते भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि वापसी का यातायात भी इसी रास्ते से होगा.

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने भी डायवर्जन के तहत निर्धारित वैकल्पिक मार्गों पर बसों के संचालन की व्यवस्था की है. हालांकि अतिरिक्त दूरी की वजह से यात्रियों को अधिक समय लग सकता है और किराया भी ज्यादा देना पड़ सकता है. सावन की शुरुआत होने के साथ ही कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगी.

गाजियाबाद में 29 जुलाई से 12 अगस्त तक डायवर्जन

गाजियाबाद में पुलिस ने 29 जुलाई से 12 अगस्त तक अलग-अलग चरणों में मार्ग परिवर्तन योजना का ऐलान किया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिल्ली की ओर से शहर में आने वाली भारी मालवाहक गाड़ियों के आगमन पर बुधवार सुबह से रोक लगा दी गई है. उन्हें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते भेजा जाएगा.

उन्होंने बताया कि 5 अगस्त की सुबह से हल्के वाणिज्यिक वाहन, कार, टेंपो और अन्य यात्री वाहनों पर भी चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लागू होंगे. गंग नहर के किनारे वाली सड़क और पाइपलाइन रोड पूरी तरह बंद रहेंगी. वहीं 7 अगस्त से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों को छोड़कर बाकी लोगों के वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी.

गाजियाबाद के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार के मुताबिक कांवड़ यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. जिले को 11 जोन, 24 सेक्टर और 108 सब-सेक्टर में बांटा गया है. जिले में करीब 300 कांवड़ शिविर लगाए जाने की उम्मीद है, जिनमें 205 से अधिक कांवड़ संगठन शामिल होंगे. गंग नहर के घाटों पर NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात की जाएंगी.

बरेली में 3900 पुलिसकर्मी तैनात, 270 CCTV कैमरे

बरेली में भी कांवड़ यात्रा को लेकर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जिले में 3900 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. सुरक्षा व्यवस्था के लिए बरेली को तीन सुपर जोन, नौ जोन, 28 सेक्टर और 104 उप-सेक्टर में बांटा गया है. 10 अस्थायी पुलिस निरीक्षण केंद्र हैं.

साथ ही चौबीसों घंटे निगरानी के लिए 270 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. पुलिस के अनुसार बरेली में कुल 1205 शिव मंदिर हैं, जिनमें करीब 499 मंदिरों में श्रावण मास के दौरान जलाभिषेक होता है. पुलिस और प्रशासनिक टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी करेंगी और किसी भी तरह की अफवाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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