मंत्री ओपी राजभर के खिलाफ गैरजमानती वारंट, जानें क्या है आरोप
यूपी में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हुआ है. उनपर 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं को गाली देने और जूता मारने की धमकी का आरोप है. इससे पहले भी राजभर इस मामले में सरेंडर कर जमानत ले चुके हैं.
उत्तर प्रदेश में पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की मुश्किलें बढ़ गई हैं. मऊ की एमपी/एमएलए कोर्ट ने गुरुवार को एक पुराने मामले में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. राजभर पर साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं को जूता मारने और गाली देने का आरोप है.
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट /एमपी एमएलए डां. कृष्ण प्रताप सिंह ने गैरजमानती वारंट जारी किया है. साथ ही मामले में हाजिरी के लिए 16 मई 2026 की तिथि नियत किया है. मामला हलधरपुर क्षेत्र के रतनपुरा बाजार में आचार संहिता उल्लंघन से संबंधित है. इससे पहले भी वारंट जारी होने पर राजभर इस मामले में अगस्त 2025 में कोर्ट में सरेंडर कर जमानत ली थी.
उड़न दस्ता प्रभारी की शिकायत पर मुकदमा
यह मामला हलधरपुर थाने में तत्कालीन उड़न दस्ता प्रभारी रुद्रभान पांडेय की शिकायत पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के रूप में दर्ज किया गया था. लोकसभा निर्वाचन 2019 में उड़नदस्ता टीम में उनकी ड्यूटी थी. 17 मई 2019 को राजभर रतनपुरा बाजार में चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे. जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं को उकसाते हुए यह बात कही.
ओपी राजभर ने मंच से अपने कार्यकर्ताओं को बीजेपी नेताओं के मिलने पर जूता मारने और गाली देने की बात कही थी. वादी का आरोप है कि इससे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के साथ-साथ आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ. हलधरपुर थाने में मुकदमा दर्ज है. जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. मामले में अब आरोप तय होना है.
बार-बार समन के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हुए
लेकिन कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर बार-बार समन और निर्देशों के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हो रहे हैं. अदालत ने इसे अवमानना मानते हुए राजभर के खिलाफ गैरजमानती जमानती वारंट जारी किया है. अब कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर को कोर्ट के सामने पेश होना होगा, इसके बाद ही आगे की प्रकिया या फिर सरेंडर कर जमानत मिल सकती है.
रिपोर्ट- अभिषेक राय, टीवी9, मऊ