जामा मस्जिद की कड़ी सुरक्षा, चौक चौराहे पर चर्चा.. जांच रिपोर्ट आने के बाद कैसा है संभल का माहौल

संभल में हुई हिंसा की जांच रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप दी गई है. उसके बाद जामा मस्जिद में जुम्मे की नमाज़ को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर दिखाई दे रही है. मस्जिद के आसपास सुरक्षा और बढ़ा दी गई है. संभल में कैसा है माहौल, आपको बताते हैं.

जामा मस्जिद की कड़ी सुरक्षा

संभल की शाही जामा मस्जिद हिंसा मामले में न्यायिक आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप दी गई है. फिलहाल शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता कर दी गई है. मस्जिद के आसपास की भारी पुलिस बलों की तैनाती कर दी गई है.

जामा मस्जिद के सदर ने ये कहा

जामा मस्जिद के सदर जफर अली से जब जांच रिपोर्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा है कि अभी तक हमें कोई जानकारी नहीं है कि किस तरह से रिपोर्ट पेश की गई है. उसमें क्या है, जब हम रिपोर्ट देखेंगे तब उसका जवाब देंगे.

सदर ने कहा कि मुझे जेल भेज दिया गया था. अभी मैं बेल पर बाहर हूं. उनका कहना है कि वे बेकसूर हैं और इसके सारे सबूत उन्होंने हाई कोर्ट को दिए हैं. उनका कहना है कि ज़ब सर्वे के दौरान हिंसा हुई थी तब मैं खुद अधिकारियों के साथ मस्जिद के अंदर मौजूद था. इसके बावजूद हिंसा भड़काने का आरोप में उनको जेल भेजा गया.

जांच रिपोर्ट में आई ये बातें

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जज देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता वाली कमेटी ने ये जांच रिपोर्ट तैयार की गई है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आजादी के समय संभल में 45% हिंदू आबादी अब घटकर मात्र 15% रह गई है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संभल में हुए दंगे कोई अचानक घटना नहीं थे बल्कि एक बड़ी साज़िश का हिस्सा थे.

हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए बाहरी दंगाइयों को बुलाया गया था. इस रिपोर्ट के लीक होने और इसके दावों पर समाजवादी पार्टी समेत विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट में हरिहर मंदिर के दावों को लेकर जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसक घटनाओं का भी जिक्र किया गया है.