यूपी SI परीक्षा के ऑप्शन में ‘पंडित’ शब्द, मच गया बवाल; BJP प्रदेश मंत्री ने CM को लिखा पत्र

यूपी पुलिस SI भर्ती परीक्षा दो दिनों में आयोजित की जा रही है. पहले दिन परीक्षा में आए एक प्रश्न और उसके ऑप्शन को लेकर बवाल मच गया है. सवाल 'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला' को लेकर था, और दिए गए विकल्पों में 'पंडित' शब्द शामिल है. वहीं, अब इसपर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया.

यूपी SI भर्ती परीक्षा में 'पंडित' ऑप्शन पर विवाद Image Credit:

उत्तर प्रदेश SI भर्ती लिखित परीक्षा शनिवार-रविवार को दो-दो पालियों में आयोजिक कराई जा रही है. वहीं, पहले दिन, दो पालियों में 5.31 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए. वहीं, अब परीक्षा के एक प्रश्न को लेकर बवाल हो गया है, जिसके ऑपशन में ‘पंडित’ शब्द लिखा है. प्रश्नों में गलत संदर्भ में पंडित शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति और कार्रवाई की मांग हो रही है.

परीक्षा में एक सवाल ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’ को लेकर था, और दिए गए विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल है. बीजेपी के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र ने इसपर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा. गलत संदर्भ में पंडित शब्द का प्रयोग करने पर कार्रवाई की मांग की. कहा कि यह सरकार की छवि धूमिल करने, जातीय तनाव पैदा करने का प्रयास भी लगता है.

क्या है आकिर वो प्रश्न, जिसपर मच गया गदर?

यूपी SI भर्ती लिखित परीक्षा (14 मार्च) में सेक्शन-A, समान्य हिंदी में पूछा गया तीसरी सवाल संवेदनशील है. सवाल है- अवसर के अनुसार बदल जाने वाले के लिए एक शब्द में उत्तर दें? इसके चार ऑप्शन दिए गए. इसमें पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी शामिल है. वहीं, अब नाकारात्मक प्रश्न में पंडित जैसे शब्द का प्रयोग करने पर बवाल मच गया है.

बीजेपी प्रदेश मंत्री ने सीएम योगी को लिखे पत्र में कहा, ‘यह प्रश्न स्पष्ट रूप से गलत फ्रेम किया गया है. सही अर्थ में अवसर के अनुसार बदल जाने वाला या अवसरवादी होता है, लेकिन विकल्पों में पंडित को शामिल करना एक विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है. जबकि पंडित शब्द विद्वान, ज्ञानी और धार्मिक सम्मान से जुड़ा है.

मामले में एफआईआर दर्ज कराएगी हिंदू महासभा

अभिजात मिश्रा ने कहा कि इसे अवसरवादिता जैसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना पूरी तरह अनुचित, असवेदनशील और संभवतः जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है. यह न केवल परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है, बल्कि सरकार की छवि को
धूमिल करने, जातीय तनाव पैदा करने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास भी लगता है.

उन्होंने सीएम योगी से पेपर सेट करने वाली कमेटी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच और कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की. वहीं, दरोगा भर्ती परीक्षा में ब्राह्मणों के अपमान पर हिंदू महासभा ने एफआईआर दर्ज कराएगी. राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि यह पूरी तरह से योगी सरकार को बदनाम करने की सोचीसमझी साजिश है.

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