आज चूक गए तो कटेगा नाम, यूपी में अंतिम मतदाता सूची में नाम ऐड कराने फाइनल चांस, जल्दी करें

अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं, जिनका नाम वोटर ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं था तो आज उनके लिए आखिरी मौका है. 06 मार्च यानी शुक्रवार को फाइनल वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने का आखिरी तारीख है. अब चुनाव आयोग की तरफ से दावे और आपत्तियों की तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी.

यूपी SIR

अगर आप आज चुक गए तो SIR की अंतिम मतदाता सूची में आपका नाम नहीं होगा. ऐसे में अब मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आपके पास आखिरी मौका है. चुनाव आयोग की तरफ से यूपी के नागरिकों के लिए फाइनल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और कटवाने को लेकर दावा और आपत्ति दाखिल करने की आखिरी तारीख 06 मार्च यानी शुक्रवार तय की गई थी.

दावा-आपत्ति की तारीख बढ़ाकर 6 मार्च किया गया था

अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं, जिनका नाम वोटर ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं था तो आज उनके लिए आखिरी मौका है. आज 06 मार्च यानी शुक्रवार फाइनल वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने का आखिरी तारीख है. अब चुनाव आयोग की तरफ से दावे और आपत्तियों की तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी. बता दें कि यूपी में SIR 27 अक्टूबर से शुरू हुआ था. मतदाताओं की गिनती का काम 4 नवंबर से 6 जनवरी तक चला. इसके बाद 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया था. हालांकि, दावा और आपत्ति दर्ज कराने की तारीख 6 मार्च तक बढ़ा दिया गया था.

3.26 करोड़ मतदाताओं को जारी किया गया था नोटिस

चुनाव आयोग के मुताबिक वर्ष चुनाव आयोग की तरफ से जारी किए गए वोटर ड्राफ्ट लिस्ट में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से 1.04 करोड़ मतदाताओं के नाम का मिलान नहीं हो सका था. साथ ही 2.22 करोड़ तार्किक विसंगति वाले वोटर्स के भी नाम सामने आए थे. ऐसे में चुनाव आयोग की तरफ से कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी की गई थी. इलेक्शन कमीशन के मुताबिक नोटिस पाने वाले मतदाताओं में से 78 प्रतिशत की सुनवाई की जा चुकी है. बाकी मतदाताओं की भी सुनवाई 27 मार्च तक पूरी हो जाएगी.

10 अप्रैल को जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट

एसआईआर की प्रक्रिया के बाद नए नाम जोड़ने व गलत नाम काटने के बाद अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी किया जाएगा. बता दें कि 6 फरवरी को दावे व आपत्तियों का अंतिम दिन था. लेकिन मतदाताओं और राजनीतिक दलों की मांग के बाद इसका समय 6 मार्च तक बढ़ा दिया जाएगा. हालांकि, इसके बाद भी वोटर्स अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकेंगे. लेकिन SIR की अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम नहीं शामिल किया जाएगा.