वाराणसी से लंदन समेत इन 17 देशों की यात्रा होगी आसान, एयर इंडिया ने शुरू की ये सेवा

पूर्वांचल के यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. एयर इंडिया ने वाराणसी से अपनी नई 'ईज़ी कनेक्ट' सेवा शुरू कर दी है. हब एंड स्पोक मॉडल के तहत अब यात्री वाराणसी से दिल्ली होते हुए लंदन, दुबई, सिंगापुर, फ्रैंकफर्ट, रोम और ज्यूरिख समेत 17 अंतरराष्ट्रीय जगहों तक आसानी से पहुंच सकेंगे.

वाराणसी से शुरू हुई एयर इंडिया की ‘ईज़ी कनेक्ट’ सेवा

पूर्वांचल और आसपास के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. एयर इंडिया ने वाराणसी से अपनी नई ‘ईज़ी कनेक्ट’ सेवा शुरू कर दी है. यह सेवा केंद्र सरकार की हब एंड स्पोक योजना के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से बेहतर और आसान कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है. लंदन से लेकर दुबई, सिंगापुर समेत कई जगहों के लिए अब आप वाराणसी से सीधे फ्लाइट ले सकेंगे.

एयर इंडिया के अनुसार, वाराणसी से दिल्ली जाने वाली विशेष AI-1111 उड़ान को इस तरह से निर्धारित किया गया है कि यात्री दिल्ली पहुंचने के चार घंटे के भीतर 17 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए आसानी से कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ सकें. इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं- लंदन, फ्रैंकफर्ट, मिलान, रोम, ज्यूरिख, मनीला, सिंगापुर, फुकेत, कुआलालंपुर, रियाद, दुबई सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय शहर हैं.

क्या है ईज़ी कनेक्ट सेवा?

ईज़ी कनेक्ट सेवा के तहत वाराणसी जैसे शहरों को दिल्ली जैसे बड़े एयर हब से जोड़ा गया है. यात्री वाराणसी से दिल्ली पहुंचकर एयर इंडिया के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए दुनिया के कई देशों की यात्रा कर सकेंगे. सबसे खास बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़ी कई औपचारिकताएं अब यात्रियों को अपने मूल शहर यानी वाराणसी में ही पूरी करने की सुविधा मिलेगी.

वाराणसी में ही होगा चेक-इन और इमिग्रेशन

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पात्र यात्रियों को दिल्ली में दोबारा इमिग्रेशन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. वे वाराणसी एयरपोर्ट पर ही अंतरराष्ट्रीय चेक-इन और इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. इससे ट्रांजिट समय कम होगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी.

किन यात्रियों को मिलेगा लाभ?

यह सुविधा उन यात्रियों को मिलेगी जो AI 11XX सीरीज की उड़ान से यात्रा कर रहे हों, उनके टिकट में आगे की अंतरराष्ट्रीय उड़ान शामिल हो, और दिल्ली में कनेक्टिंग फ्लाइट का अंतर चार घंटे या उससे कम हो. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के अनुसार, वाराणसी इस मॉडल का पहला शहर है. आने वाले छह सप्ताह में देश के छह और शहरों को भी इस हब एंड स्पोक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. इससे छोटे शहरों से अंतरराष्ट्रीय यात्रा और अधिक आसान हो जाएगी.

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