मोक्ष की चाहत या कर्ज का दबाव? पहले कारोबारी, फिर पत्नी-बेटे ने दी जान; गेस्ट हाउस में 3 मौतों से सनसनी

वाराणसी में महाराष्ट्र के एक कारोबारी, उनकी पत्नी और बेटे की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है. पहले कारोबारी की बीमारी से मौत हुई, फिर पत्नी-बेटे ने गेस्ट हाउस में आत्महत्या कर ली. पुलिस कर्ज, इलाज के भारी खर्च और 'मोक्ष की चाहत' जैसे संभावित कारणों की जांच कर रही है. यह घटना आर्थिक तंगी और गहरे मनोवैज्ञानिक दबाव को उजागर करती है.

वाराणसी में कारोबारी परिवार की मौत से सनसनी Image Credit:

बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के एक गेस्टहाउस में एक कारोबारी और उनके पत्नी बेटे की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई है. यह परिवार महाराष्ट्र के रायगढ़ से वाराणसी आया था. बताया जा रहा है कि रविवार को बीमारी की वजह से कारोबारी की मौत हुई. इसके बाद अगले दिन यानी सोमवार को उनकी पत्नी और 29 वर्षीय बेटे ने भी सुसाइड कर लिया. गेस्ट हाउस के कमरे में वह जहरीला पदार्थ भी मिला है, जिसका सेवन इन मां-बेटे ने किया था.

पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के खारघर-पनवेल निवासी 50 वर्षीय जया मुखर्जी और उनके 29 वर्षीय बेटे ईशान मुखर्जी के रूप में हुई है. वहीं परिवार के मुखिया 53 वर्षीय विशाल विनय मुखर्जी की रविवार को बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई थी. बताया जा रहा है कि मोक्ष की चाहत में जया मुखर्जी चार दिन पहले अपने बीमार पति को लेकर काशी आईं थी. उन्होंने पति को बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया था. वहीं खुद बेटे ईशान के साथ लक्सा स्थित एक गेस्ट हाउस में ठहरीं थीं.

पिता का अंतिम संस्कार कर किया सुसाइड

विशाल की मौत के बाद उनकी पत्नी और बेटे ने सोमवार की सुबह उनका अंतिम संस्कार किया. इसके बाद दोनों गेस्ट हाउस वापस आए और कमरे में जाकर सुसाइड कर लिया. जब काफी देर तक इनका दरवाजा नहीं खुला तो गेस्ट हाउस के कर्मचारियों को शक हुआ. उन्होंने कई बार फोन किया, लेकिन इसका भी जवाब नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे के अंदर से जया और ईशान का शव बरामद किया है. पुलिस ने कमरे से सल्फास का पैकेट भी बरामद किया है. हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.

कर्ज और इलाज का खर्च भी हो सकता है वजह

एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी के मुताबिक शुरुआती जांच में परिवार के आर्थिक संकट की बात सामने आई है. विशाल ने किसी काम के लिए लोन लिया था, लेकिन लंबे समय से बीमारी से जूझने के कारण वह कर्ज नहीं चुका पा रहे थे. उनके इलाज का खर्च भी बहुत ज्यादा था. इसके अलावा मोक्ष की चाहत भी घटना की एक वजह हो सकती है. दरअसल काशी को मोक्ष की नगरी कहा जाता है. पुलिस इन सभी एंगल पर मामले की जांच कर रही है.

Follow Us