महंगी पड़ी गंगा में बिरयानी पार्टी! पहले लोअर कोर्ट और अब सेशन कोर्ट से भी खारिज हुई जमानत अर्जी

वाराणसी में गंगा नदी में चिकन बिरयानी पार्टी करने वाले 14 आरोपियों की जमानत अर्जी लोअर कोर्ट के बाद अब सेशन कोर्ट ने भी खारिज कर दी है. कोर्ट ने माना कि आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और उनकी रिहाई से समाज में तनाव बढ़ सकता है. यह घटना धार्मिक भावनाओं को आहत करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के इरादे से की गई मानी गई.

गंगा में चिकन बिरयानी पार्टी Image Credit:

रमजान के महीने में इफ्तार के नाम पर बनारस में गंगा में चिकन बिरयानी की पार्टी करने वाले 14 आरोपियों की जमानत अर्जी अब सेशन कोर्ट ने भी खारिज कर दी है. इससे पहले आरोपियों की जमानत अर्जी लोअर कोर्ट (मजिस्ट्रेट कोर्ट ) ने खारिज की थी. इसी के साथ इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की जेल से रिहाई का रास्ता फिलहाल के लिए बंद हो गया है. अब उन्हें जेल से बाहर आने के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगानी होगी.

आरोपियों की जमानत अर्जी पर बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार की अदालत में सुनवाई हुई. बीच गंगा में चिकन बिरियानी खाने के मामले में करीब डेढ़ घंटे तक गर्मागर्म बहस हुई. इस दौरान अदालत ने माना कि आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दिया. दोपहर 12 बजे अदालत में शुरू हुई सुनवाई और शाम सवा पांच बजे अदालत ने पांच पेज का रिजेक्शन ऑर्डर जारी कर दिया.

इसलिए खारिज हुई बेल अर्जी

अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के बीच बहस के दौरान कोर्ट ने माना कि आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद ना केवल गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि साक्ष्य भी नष्ट कर सकते हैं. इसके अलावा जमानत अर्जी में तथ्यों को छिपाने को भी कोर्ट ने गंभीर माना. कहा कि इनकी रिहाई से समाज में तनाव और अशांति बढ़ सकती है. इससे कानून व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है. इसलिए इन्हें जमानत देना न्याय के खिलाफ होगा.

जाहिर हुआ इन्टेंशन

अदालत ने माना कि आरोपियों ने ना केवल गंगा में चिकन बिरयानी खाई, बल्कि हड्डियां गंगा में गिराते हुए वीडियो बनाकर खुद सोशल मीडिया में पोस्ट भी किया. इससे इनका इन्टेंशन जाहिर होता है. साबित होता है कि यह घटना सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने के लिए कारित की गई. यही नहीं, वादी को अज्ञात लोगों द्वारा दी जा रही धमकी को भी कोर्ट ने अपने फैसले में अहम माना है.

19 मार्च से जेल में हैं आरोपी

ईद से पहले ही वाराणसी पुलिस ने इन सभी 14 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया था. 19 मार्च से ही ये सभी आरोपी जेल में हैं. इनकी ईद भी जेल में ही मनी थी. आरोपियों ने 23 मार्च को एसीजेएम की कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी. उस समय भी कोर्ट ने कहा था कि आरोपियों पर लगी धाराओं में कड़ी सजा का प्रावधान है. एसेसे में जमानत देने से न्यायिक प्रक्रिया में बाधा आ सकती है. बता दें कि 16 मार्च को एक वीडियो वायरल हुआ था. इसमें पंच गंगा घाट के सामने नाव पर 14 युवक इफ्तार पार्टी में चिकन बिरयानी खाते नजर आए थे.

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