दूल्हा बनेंगे बाबा, पहनेंगे असमिया चेलेंग-गसोमा; काशी विश्वनाथ मंदिर में ऐसे चल रही महाशिवरात्रि की तैयारी
बनारस में महाशिवरात्रि की तैयारियां चरम पर हैं. बाबा विश्वनाथ असम के विशेष चेलेंग-गसोमा परिधान पहनकर दूल्हा बनेंगे. 13 फरवरी से हल्दी सहित विभिन्न रस्मों की शुरुआत होगी, जिसके बाद महाशिवरात्रि पर विवाह संपन्न होगा. भक्त लगातार 45 घंटे तक बाबा के दर्शन कर सकेंगे. इस मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी बनारस में महाशिवरात्रि की तैयारियां चरम पर हैं. बाबा विश्वनाथ दूल्हा बनने को तैयार हैं. बारात में पहनने के लिए असम के ऐतिहासिक नगर शिवसागर से विशेष परिधान ‘चेलेंग’ और ‘गसोमा’ मंगाया गया है. बारात से पहले कटरा जम्मू से माता वैष्णो देवी ने भी अपना उपहार भेज दिया है. महाशिवरात्रि के दिन बाबा दूल्हा स्वरूप में ही भक्तों को दर्शन देंगे.
बारात की पूरी तैयारी और सभी अनुष्ठान टेढ़ीनीम स्थित पूर्वमहंत आके वास पर होंगे. इस दौरान बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा को दूल्हे के रूप में तैयार किया जाएगा. असमिया परिधान ‘चेलेंग’ और ‘गसोमा’ पहन कर बाबा की राजसी क्षवि और दिव्य हो जाएगी. यह परिधान को असम की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान माना जाता है. यह जानकारी महंत परिवार के प्रतिनिधि पं. वाचस्पति तिवारी ने दी.
13 फरवरी को होगी हल्दी
उन्होंने बताया कि यह परिधान काशी और असम की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं को भी रेखांकित करने का काम रेगा. पंडित वाचस्पति तिवारी के मुताबिक 13 फरवरी से रस्म शुरू होंगे. पहले बाबा की हल्दी होगी. इसके बाद बाकी रस्म होंगे. फिर महाशिवरात्रि को बाबा को विवाह होगा. इसके बाद टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास को गौरा-सदनिका के रूप में तैयार किया जाएगा. यहीं से अमलका (रंगभरी) एकादशी के दिन माता गौरा की गौना होगा और विश्वनाथ मंदिर तक पालकी यात्रा निकाली जाएगी.
शुरू होगा होली उत्सव
विश्वनाथ मंदिर पहुंचने के बाद काशी के लोग बाबा से होली खेलने की अनुमति लेकर विधिवत फागोत्सव का शुभारंभ कर देंगे. इस मौके पर बाबा का विशेष या स्पर्श दर्शन बंद रहेगा. मंदिर प्रशासन ने भी भक्तों से गुजारिस की है कि इसके लिए अनुरोध ना करें. मंदिर प्रबंधन ने भक्तों से खाली पेट नहीं आने का आग्रह किया है. उधर, जश्न के माहौल में किसी तरह की अनहोनी रोकने के लिए प्रशासन ने भी कमर कस ली है. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, डीएम सत्येंद्र कुमार, धाम के सीईओ विश्वभूषण आदि की बैठक में सुरक्षा का खाका तैयार कर लिया गया है.
लगातार 45 घंटे भक्तों के बीच रहेंगे बाबा
महाशिवरात्रि पर मंगला आरती सुबह 02:15 बजे से 03:15 बजे तक होगी. इसके बाद गर्भगृह की सफाई होगी और फिर बाबा के दर्शन शुरू हो जाएंगे. बाबा लगातार 45 घंटे तक भक्तों के बीच रहकर उन्हें दर्शन देते रहेंगे. मंदिर के कपाट अगले दिन यानी 16 फरवरी 2026 को रात्रि 11:00 बजे बंद होगा.