‘तो शायद मैं भईया को बचा लेती…’, सूर्या हत्याकांड की कहानी चश्मदीद शिवांगी की जुबानी
वाराणसी के यूपी कॉलेज में हुई छात्र सूर्या प्रताप सिंह की हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. इस बीच एक बहादुर लड़की सामने आई है, जो वारदात की चश्मदीद भी है. उन्होंने बताया कि कैसे कुछ ही दूरी पर वे मौजूद थीं और मदद न मिलने के कारण सूर्या भइया को बचा नहीं पाईं?
वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में बीते शुक्रवार को छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई. कॉलेज के एक छात्र मंजीत चौहान ने वारदात को अंजाम दिया था. उसने सरेआम टीचर्स और छात्रों के सामने उसपर 8 राउंड फायरिंग की थी. इस बीच एक बहादुर छात्रा सामने आई है, जो घटना की चश्मदीद है. उसने उस दिन हुई हत्याकांड की सच्चाई सामने रखी.
यूपी कॉलेज के छात्रों ने सोमवार को मृतक छात्र सूर्या के लिए कैंपस से कचहरी तक कैंडल मार्च निकाला. कचहरी पहुंचकर सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने एक श्रद्धांजलि सभा की. इसी सभा में शामिल होने के लिए शिवांगी सिंह भी पहुंची थी. घटना वाले दिन जब मंजीत सूर्या पर पिस्टल से फायर कर रहा था, तब वहां से कुछ ही कदम पर शिवांगी भी मौजूद थीं.
बाकी टीचर्स छुप कर तमाशा देख रहे थे…
शिवांगी सिंह ने बताया कि ‘उस दिन सूर्या भईया सीढ़ियों पर खड़े थे. मैं बैग लाइब्रेरी में छोड़कर अपनी दोस्त के साथ क्लास में जा रही थी. जैसे ही मैंने सूर्या भईया को क्रॉस किया तभी पहली गोली चली. मैं भाग कर आई देखा सूर्या भईया गिरे हुए हैं. गोली उनके सीने में लगी थी. मुझे लगा कि मंजीत भाग गया है. मैं मदद के लिए दोस्तों को फोन करने ही वाली थी कि…
उसने बताया, ‘इतने में मंजीत फिर आया और सिर में गोली मारने लगा. मैं और पॉलिटिकल साइंस के एक टीचर दो लोग ही थे जो बचाने के लिए चिल्ला रहे थे. बाकी टीचर्स छुप कर तमाशा देख रहे थे. मंजीत ने मुझे भी कहा कि बीच में आओगी तो मारी जाओगी. मैं उनको बचाना चाहती थी लेकिन बचा नही पाई. यदि दो लोग भी साथ रहे होते तो शायद मैं भईया को बचा लेती.’
‘एक दिन हम पर जब हमला होगा तो कोई…’
शिवांगी ने कहा कि ऐसा लग रहा था कि मंजीत पिस्टल छुपा कर लाया था, नहीं तो सूर्या भईया पिस्टल देख लिए होते तो वहां रहते ही नहीं. पिस्टल आखिर कॉलेज में आया कैसे? उसने कहा, ‘उस दिन हम सूर्या भईया को बचाने की बजाय डर के मारे बच रहे थे. तो एक दिन हम पर जब हमला होगा तो कोई हमको बचाने की बजाय डरना पसंद करेगा.’
यह घटना आपसी रंजिश का परिणाम थी, दोनों छात्रों में सालों से विवाद थे. मृतक सूर्या पढ़ने में काफी होनहार छात्र था, जबकि आरोपी मंजीत पर लोकल थाने में कई मुकदमे दर्ज हैं. आरोपी को पुलिस मे वारदात के 8 घंटे के अंदर हीव गिरफ्तार कर लिया था. वहीं, शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.
