वाराणसी में वकीलों ने पुलिस को दिया अल्टीमेटम, शनिवार से हड़ताल पर रहेंगे
वाराणसी में पुलिस और वकीलों के बीच हुई मारपीट के बाद अब वकीलों ने शनिवार से हड़ताल करने का अल्टीमेटम दिया है. वकीलों के इस फैसले का 25 जिलों के बार एसोसिएशन्स का समर्थन मिला है. वहीं वकीलों का कहना है कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो वे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठेंगे.
वाराणसी में पुलिस और वकीलों के बीच शुरू हुआ विवाद अब गहराता जा रहा है. वकीलों ने ऐलाल किया है कि वे शनिवार से हड़ताल शुरू करेंगे. ये फैसला सेंट्रल बार एसोसिएशन और बनारस बार एसोसिएशन के द्वारा प्रस्ताव पारित करके लिया गया है. सेंट्रल बार के उपाध्यक्ष दीपक राय ने TV9 से बात करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन के साथ बार के अधिकारियों की जो बैठक हुई थी.
उसमें किसी सकारात्मक नतीजे तक नहीं पहुंचा जा सका, जिसके बाद वकीलों ने ये फैसला लिया है. अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक वकीलों पर दर्ज मुकदमे वापस नही लिए जाएंगे, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. इस हड़ताल को 25 जिलों के एसोसिएशन का समर्थन हासिल है.
ये हैं मांगे
वकीलों का कहना है कि शनिवार को हड़ताल के बाद रविवार को ये फैसला लिया जाएगा कि आगे भी ये प्रक्रिया जारी रहेगी या नहींं. उनका कहना है कि ये पुलिस प्रशासन के रवैए पर निर्भर करेगा कि ये हड़ताल खत्म होगी या फिर अनिश्चितकालीन चलती रहेगी. इसके लिए अधिवक्ताओं ने पुलिस के सामने अपनी तीन अहम मांगे रखी हैं-
- दस नामजद और साठ अज्ञात लोगों पर 14 धाराओं में दर्ज एफआईआर वापस लिया जाए.
- थाने में वकील से ससम्मान व्यवहार किया जाए.
- वकीलों को अराजक और असामाजिक कहने पर रोक लगाई जाए.
अधिकारियों के खिलाफ FIR की मांग
वकील राघवेंद्र नारायण दूबे ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वरुणा जोन की ADCP नीतू कात्यान, ACP क्राइम विदुष सक्सेना और ACP कैंट नितिन तनेजा, थाना प्रभारी कैंट शिवाकांत मिश्र समेत 50 अज्ञात दरोगा व 50 अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए CJM कोर्ट में एप्लीकेशन दिया है.
इस एप्लीकेशन में वकीलों और जजों के लिए अमर्यादित शब्दों के प्रयोग के आरोप लगाए गए हैं. वकीलों का कहना है कि एडीसीपी नीतू कात्यान के कई एसे वीडियो कोर्ट को दिए हैं, जिसमें उन्हें अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए देखा जा सकता है. इसकी सुनवाई के लिए अदालत ने 29 सितंबर की तारीख दी है.
