‘अंकल स्कूल जाने में जाम से दिक्क़त होती है ‘, बच्ची का दर्द सुन मंत्री ने DCP ट्रैफिक को सुना डाला!

वाराणसी में 'होली मिलन समारोह' का विशेष अवसर था. यह आयोजन मंत्री डा. दयाशंकर मिश्र दयालु के कैम्प कार्यालय में हो रहा था. जनता की भीड़ के बीच आवाज़ आई 'अंकल स्कूल जाने में बहुत जाम मिलता है' इसपर मंत्री का रिएक्शन ऐसा आया, जिसकी हर जगह चर्चा हो रही है.

वाराणसी मंत्री दयाशंकर ने सुना बच्ची का दर्द

यूपी के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मंत्री डा. दयाशंकर मिश्र दयालु ने ‘होली मिलन समारोह’ आयोजित किया. यह विशेष आयोजन वाराणसी में उनके कैम्प कार्यालय में धुम-धाम से मनाया गया. हालांकि, इस अवसर पर एक ऐसा वाक्या हुआ, जिसकी खूब चर्चा हो रही है. समारोह के बीच एक मासूम बच्ची ने काशी की तंग सड़कों से हो रही पीड़ा सुना दी.

जब जनता की भीड़ में शुभकामनायें दी जा रही थीं. उसी भीड़ के बीच एक छोटी सी बच्ची ने आवाज़ दी कि ‘अंकल स्कूल जाने और स्कूल से घर आने में बहुत जाम मिलता है और बहुत परेशानी होती है ‘. उस एक वाक्य में जैसे शहर की थमी हुई सांसें बोल उठी. मंत्री ने बच्ची को स्नेह से देखा और अपने पास बुलाया. वह अपने छोटे-छोटे कदमों से मंत्री के पास पहुंची.

केवल एक बच्ची नहीं, यह पूरे शहर की आवाज

ये छोटी सी बच्ची सेंट जॉन्स स्कूल बीएलडब्लू की कक्षा एक की छात्रा भाविका थी. मंत्री डा. दयाशंकर मिश्र दयालु को संबोधित करते हुए उसने सहज ही कह दिया कि “अंकल, स्कूल जाते और आते समय बहुत जाम मिलता है.” वह कोई आरोप नहीं था, न शिकायत का बोझ.वह तो बस बचपन की राह में बिछे अवरोधों की मासूम अभिव्यक्ति थी.

समारोह कक्ष जो अब तक औपचारिक शब्दों से भरा था अचानक संवेदना से भर गया. मंत्री डा. दयाशंकर मिश्र दयालु ने उस नन्हीं बच्ची की ओर स्नेह से देखा और भाविका को स्नेहपूर्वक अपने पास बुलाया. आयुष मंत्री ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उसकी बात केवल एक बच्ची की बात नहीं, बल्कि पूरे शहर के भविष्य की आवाज है.

मंत्री ने तुरंत डीसीपी ट्रैफिक को घुमा दिया फोन

बच्ची की मासूम शिकायत सुनकर मंत्री ने तुरंत डीसीपी ट्रैफिक को फोन घुमा दिया. उन्होंने डीसीपी ट्रैफिक को स्कूल लगने और छुट्टी के समय मार्गों पर विशेष निगरानी रखने और बच्चों के लिए जाम मुक्त यातायात सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए. डीसीपी ट्रैफ़िक ने आयुष मंत्री को आश्वासन दिया. इस छोटी की पहल से यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है.